RAS प्रश्न
भील चित्र (पिथोरा कला) दर्शाते हैं:
सही उत्तर: (C) देवता, घोड़े और सृष्टि से जुड़ी पौराणिक कथाएँ।
भील पिथोरा चित्रकला में दीवारों पर देवताओं, घोड़ों और सृष्टि से जुड़ी पौराणिक कथा को दिखाया जाता है।
व्याख्या
भील पिथोरा चित्रकला का मुख्य संकेत केवल सजावटी चित्र नहीं, बल्कि अनुष्ठान और कथा से जुड़ा चित्र-विधान है। ये चित्र दीवारों पर त्योहारों और समारोहों के दौरान बनाए जाते हैं और इनमें सृष्टि से जुड़ी पौराणिक कथाओं के साथ देवताओं को घोड़ों पर सवार दिखाया जाता है। Sahapedia में पिथोरा दीवार-चित्र को सामाजिक, धार्मिक और अनुष्ठानिक परंपरा माना गया है। मुख्य चित्र में बाबा पिथोरा के साथ प्रमुख देवताओं और देवियों के घोड़े दिखते हैं; सूर्य-चंद्र, पृथ्वी-आकाश, पशु-पक्षी और जीवन से जुड़े प्रसंग भी आते हैं। इसलिए सही पहचान देवता, घोड़े और सृष्टि-कथा है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) पिथोरा कला का केंद्र केवल व्यक्ति-चित्र या चेहरे बनाना नहीं है; इसका मुख्य स्वरूप दीवार पर देवताओं, घोड़ों और कथा-प्रसंगों वाला अनुष्ठानिक चित्र है।
- (B) इसे केवल परिदृश्य कहना गलत है, क्योंकि पिथोरा चित्रों में घोड़ों पर देवता, पौराणिक कथा और जीवन से जुड़े अनेक रूपांकन आते हैं।
- (D) दरबारी दृश्य पिथोरा चित्रकला का सही विषय नहीं हैं; पिथोरा चित्र में बाबा पिथोरा, देवताओं-देवियों के घोड़े, सूर्य-चंद्र और जीवन-प्रसंग मुख्य रूप से आते हैं।
अवधारणा
जनजातीय लोकचित्रकला में पिथोरा कला के प्रमुख विषय और प्रतीक महत्त्वपूर्ण हैं। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए दोहराए जाते हैं क्योंकि कला-संस्कृति में केवल नाम नहीं, उसके रूपांकन और अनुष्ठानिक संदर्भ भी पूछे जाते हैं।
