RAS प्रश्न
भवाई नृत्य में क्या संतुलित किया जाता है?
सही उत्तर: (D) सिर पर अनेक बर्तन रखकर काँच या तलवार की धार पर नृत्य।
भवाई नृत्य में नर्तक सिर पर पीतल के कई घड़े या मिट्टी के बर्तन संतुलित करके नाचते हैं। इस दौरान वे काँच के टुकड़ों, तलवार की धार या पीतल की थालियों जैसी चुनौतीपूर्ण सतहों पर भी नृत्य कर सकते हैं।
व्याख्या
भवाई की पहचान सिर पर बर्तन संतुलित करके नृत्य करने के कौशल से होती है, न कि आग, हथियारों या झंडों से। राजस्थान फाउंडेशन के अनुसार, कालबेलिया, जाट, मीणा, भील और कुम्हार जैसे समुदायों के पुरुष और महिलाएँ यह लोकनृत्य करते हैं। नर्तक सिर पर पीतल के 8-9 घड़े या मिट्टी के बर्तन संतुलित रखता है और काँच के टुकड़ों, तलवार की धार या पीतल की थालियों पर भी संतुलन बनाए रख सकता है। इसलिए सिर पर कई बर्तन और नीचे काँच या तलवार की धार भवाई की खास पहचान हैं।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) अग्नि भवाई की मुख्य पहचान नहीं है; अग्नि का संबंध चरी नृत्य से है।
- (B) हथियार यहाँ संतुलित की जाने वाली वस्तु नहीं हैं; तलवार की धार केवल उस सतह के रूप में आती है जिस पर नर्तक संतुलन बनाता है।
- (C) झंडे भवाई के खास प्रदर्शन का हिस्सा नहीं हैं; इस नृत्य की पहचान सिर पर घड़े या बर्तन संतुलित करने से होती है।
अवधारणा
राजस्थान के लोकनृत्यों की पहचान उनके खास प्रदर्शन-कौशल और प्रतीकों से होती है। राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े पाठ्यक्रम में लोकनृत्य महत्वपूर्ण हैं; इसलिए RAS में ऐसे तथ्य अक्सर पूछे जाते हैं और अभ्यर्थियों को भवाई तथा चरी जैसे नृत्यों के प्रदर्शन-कौशल और प्रतीकों में अंतर समझना चाहिए।
