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RAS प्रश्न

राजस्थान का बंधनी (टाई-डाई) शिल्प मुख्य रूप से कहाँ प्रचलित है?

सही उत्तर: (B) जोधपुर, जयपुर और बीकानेर।

राजस्थान की बंधनी या बंधेज टाई-डाई कला मुख्य रूप से जोधपुर, जयपुर और बीकानेर में प्रचलित है।

  1. (A)

    अलवर और भरतपुर

  2. (B)

    जोधपुर, जयपुर और बीकानेर

  3. (C)

    केवल उदयपुर

  4. (D)

    कोटा और बूंदी

व्याख्या

बंधनी में जगह और तकनीक, दोनों याद रखनी चाहिए। इस कला में कपड़े को कई स्थानों पर कसकर बांधा जाता है और फिर रंगा जाता है, इसलिए इसे बांधकर रंगने का शिल्प कहा जाता है। राजस्थान पर्यटन विभाग के खरीदारी संबंधी पृष्ठ पर वस्त्रों के संदर्भ में बंधेज कपड़ों को जोधपुर, जयपुर और बीकानेर से जोड़ा गया है। इसी कारण विकल्प B सही है। परीक्षा में जोधपुर को विशेष रूप से याद रखें, क्योंकि उसे बंधनी का प्रमुख केंद्र माना गया है। जयपुर और बीकानेर के साथ जोधपुर की यह त्रयी राजस्थान की वस्त्र-कला पहचान का सीधा तथ्य बन जाती है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) अलवर और भरतपुर बंधनी के मुख्य केंद्रों में शामिल नहीं हैं। राजस्थान पर्यटन विभाग बंधेज कपड़ों को जोधपुर, जयपुर और बीकानेर से जोड़ता है।
  • (C) केवल उदयपुर कहना गलत है, क्योंकि मुख्य केंद्रों में जोधपुर, जयपुर और बीकानेर आते हैं; उदयपुर को मुख्य केंद्र नहीं माना गया है।
  • (D) कोटा और बूंदी बंधनी के मुख्य केंद्र नहीं हैं; कोटा की पहचान कोटा डोरिया से जुड़ती है, बंधनी से नहीं।

अवधारणा

राजस्थान की लोक-हस्तकला और वस्त्र परंपरा में शिल्प-केंद्रों की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं, क्योंकि कला, क्षेत्र और उत्पाद का मिलान सीधे अंक दिलाता है।

स्रोत

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