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RAS प्रश्न

भीलवाड़ा जिले का बागोर किसका सबसे प्रारंभिक प्रमाण मिलने के कारण महत्त्वपूर्ण माना जाता है?

सही उत्तर: (C) भारतीय उपमहाद्वीप में पशुपालन।

भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के किनारे स्थित बागोर भारतीय उपमहाद्वीप में पशुपालन के सबसे प्रारंभिक प्रमाण के लिए महत्त्वपूर्ण माना जाता है।

  1. (A)

    चाक पर बने मृद्भांड

  2. (B)

    तांबा गलाना

  3. (C)

    भारतीय उपमहाद्वीप में पशुपालन

  4. (D)

    चावल की खेती

व्याख्या

बागोर का महत्त्व इसलिए है कि यह भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी के पास स्थित भारत के बड़े मध्य पाषाण स्थलों में गिना जाता है। यहाँ से भारतीय उपमहाद्वीप में पशुपालन का सबसे प्रारंभिक प्रमाण मिला है, जिसकी तिथि लगभग 5000 ई.पू. मानी गई है। बागोर राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में कोठारी नदी पर स्थित बड़ा और अच्छी तरह दर्ज मध्य पाषाण स्थल है, जहाँ पशुपालन के प्रारंभिक प्रमाण मिलते हैं। इसलिए सही संबंध “बागोर” और “पशुपालन” का है, न कि मृद्भांड, तांबा या धान की खेती से।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) चाक-निर्मित मृद्भांड बाद के ताम्रपाषाण संदर्भ से जुड़ता है, जबकि बागोर का महत्त्व पशुपालन के प्रारंभिक प्रमाण से है।
  • (B) तांबा गलाने का प्रमाण बागोर से नहीं, गणेश्वर से संबंधित है।
  • (D) चावल की खेती का प्रमाण पूर्वी भारत से जुड़ा है, इसलिए यह बागोर की प्रमुख पहचान नहीं है।

अवधारणा

राजस्थान के प्रागैतिहासिक स्थलों और मध्य पाषाण संस्कृति में स्थल, काल और प्रमुख पुरातात्त्विक प्रमाणों का सीधा मिलान महत्त्वपूर्ण रहता है। RAS में बागोर, गणेश्वर जैसे स्थल बार-बार आते हैं क्योंकि उनसे स्थल, काल और प्रमुख पुरातात्त्विक प्रमाणों का संबंध पूछा जाता है।

स्रोत

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