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RAS प्रश्न

बाबर की आत्मकथा 'तुज़ुक-ए-बाबरी' (बाबरनामा) मूल रूप से किस भाषा में लिखी गई थी?

सही उत्तर: (D) चगताई तुर्की।

बाबर की आत्मकथा तुज़ुक-ए-बाबरी या बाबरनामा मूल रूप से चगताई तुर्की में लिखी गई थी।

  1. (A)

    अरबी

  2. (B)

    उर्दू

  3. (C)

    फारसी

  4. (D)

    चगताई तुर्की

व्याख्या

बाबरनामा की मूल भाषा चगताई तुर्की है, क्योंकि बाबर ने इसे अपनी मातृभाषा में लिखा था। बाबरनामा बाबर की अपनी तुर्की बोली, यानी चगताई, में लिखा गया था। इसी कारण विकल्प D सही है। फारसी से भ्रम इसलिए होता है कि बाद में अकबर के शासनकाल में अब्दुर रहीम खान-ए-खानां ने इसका फारसी अनुवाद किया। इसलिए परीक्षा में मूल रचना और बाद के अनुवाद को अलग पहचानना जरूरी है। बाबरनामा को विश्व साहित्य की श्रेष्ठ आत्मकथाओं में गिना जाता है, लेकिन भाषा के मामले में निर्णायक तथ्य इसका मूल चगताई तुर्की रूप है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) अरबी गलत है, क्योंकि बाबरनामा की मूल भाषा चगताई तुर्की है, अरबी नहीं।
  • (B) उर्दू गलत है, क्योंकि बाबर ने अपनी आत्मकथा अपनी मातृभाषा चगताई तुर्की में लिखी थी।
  • (C) फारसी गलत है, क्योंकि फारसी बाबरनामा का बाद का अनुवाद था, मूल भाषा नहीं।

अवधारणा

मध्यकालीन भारत में मुगल स्रोतों और दरबारी भाषाओं की समझ ऐसे तथ्य से जुड़ी रहती है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि मूल ग्रंथ, लेखक और अनुवाद के बीच फर्क से सीधे तथ्यात्मक भ्रम पकड़ा जाता है।

स्रोत

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