RAS प्रश्न
मराठों, सिखों और राजपूतों के साथ औरंगज़ेब का संघर्ष किसका प्रमुख कारण माना जाता है?
सही उत्तर: (D) मुगल साम्राज्य का पतन।
मराठों, सिखों और राजपूतों के साथ औरंगज़ेब के लंबे समय तक चले संघर्षों को मुगल साम्राज्य के पतन का प्रमुख कारण माना जाता है।
व्याख्या
औरंगज़ेब के युद्धों से मुगल सत्ता मज़बूत नहीं हुई; उलटे उस पर बोझ बढ़ा। 1682 से 1707 तक चला 25 वर्ष का दक्कन अभियान और मराठों के विरुद्ध लंबे युद्ध, सिखों से संघर्ष, जिसमें गुरु तेग बहादुर को मृत्युदंड दिया जाना भी शामिल था, और राजपूतों को अपने से दूर करने वाली नीतियों ने खजाने और सेना को कमज़ोर कर दिया। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के अनुसार, औरंगज़ेब ने दक्कन के लंबे युद्ध में साम्राज्य के सैन्य और वित्तीय संसाधन घटा दिए। उसके बाद केंद्रीय प्रशासन की पकड़ कमज़ोर हुई, सूबेदारों, स्थानीय सरदारों और दूसरे समूहों ने अपने क्षेत्रों में शक्ति बढ़ाई और दिल्ली भेजे जाने वाले राजस्व में कमी आई। इसलिए मराठों, सिखों और राजपूतों की बढ़ती शक्ति, 1707 में औरंगज़ेब की मृत्यु के बाद मुगल साम्राज्य के पतन की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा थी।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) ब्रिटिश शक्ति का उदय बाद की प्रक्रिया थी। इसके बजाय राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) औरंगज़ेब के बाद मुगल संसाधनों पर पड़े दबाव और 18वीं शताब्दी में सत्ता के क्षेत्रीय शक्तियों के हाथों में जाने पर ध्यान देती है।
- (B) इन संघर्षों से मुगल साम्राज्य मज़बूत नहीं हुआ, क्योंकि इन्होंने साम्राज्य के सैन्य और वित्तीय संसाधन घटाए और शाही नियंत्रण मज़बूत करने के बजाय ताकतवर विरोधी खड़े कर दिए।
- (C) इन संघर्षों से भारत का एकीकरण नहीं हुआ; इनके कारण बिखराव बढ़ा और सत्ता मुगल केंद्र के हाथ से निकलकर क्षेत्रीय शासकों और समूहों के पास जाने लगी।
अवधारणा
इस प्रसंग में मुगल साम्राज्य के पतन के कारणों और 18वीं शताब्दी में क्षेत्रीय शक्तियों के उदय को समझना ज़रूरी है। RAS में यह विषय बार-बार आता है, क्योंकि मध्यकालीन भारतीय इतिहास में साम्राज्य के अत्यधिक विस्तार तथा सैन्य और वित्तीय संसाधनों पर बढ़ते दबाव को क्षेत्रीय समूहों की बढ़ती शक्ति से जोड़कर देखा जाता है।
