RAS प्रश्न
औरंगजेब ने 1679 में हिंदुओं पर 'जजिया' कर लगाया। मेवाड़ के किस राजपूत शासक ने इस कर का विरोध करते हुए एक प्रसिद्ध पत्र भेजा?
सही उत्तर: (C) महाराणा राज सिंह।
1679 में हिंदुओं पर जज़िया कर दोबारा लागू होने पर मेवाड़ के महाराणा राज सिंह ने औरंगज़ेब को विरोध-पत्र भेजा था।
व्याख्या
1679 में जज़िया कर दोबारा लागू किए जाने पर महाराणा राज सिंह ने औरंगज़ेब को प्रसिद्ध विरोध-पत्र लिखा। जेम्स टॉड ने राणा राज सिंह के शासन से जुड़े वर्णन में जज़िया को पूरे हिंदू समाज से प्रति व्यक्ति वसूला जाने वाला कर बताया है। आदेश घोषित होते ही राणा ने राष्ट्र की ओर से पत्र लिखकर इसका विरोध किया। टॉड के वर्णन में इस पत्र और अजित को दी गई शरण को औरंगज़ेब के मेवाड़ पर आक्रमण से जोड़ा गया है। इसलिए 1679 के जज़िया-विरोधी पत्र से संबंधित मेवाड़ शासक महाराणा राज सिंह थे।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) महाराणा अमर सिंह द्वितीय का संबंध 1679 के जज़िया-विरोधी पत्र से नहीं है; यह प्रसंग महाराणा राज सिंह से जुड़ा है।
- (B) महाराणा प्रताप मेवाड़ के पहले के प्रसिद्ध शासक थे, लेकिन 1679 का जज़िया-विरोधी पत्र राणा राज सिंह ने लिखा था।
- (D) महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय वह शासक नहीं थे जिन्होंने जज़िया आदेश के विरोध में औरंगज़ेब को पत्र भेजा था; वह पत्र महाराणा राज सिंह ने लिखा था।
अवधारणा
RAS में मध्यकालीन राजस्थान से जुड़े प्रश्नों में मेवाड़-मुगल संबंध और औरंगज़ेब की धार्मिक नीति का विरोध बार-बार पूछा जाता है, क्योंकि इनसे शासक, मुगल नीति और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया—तीनों जुड़ते हैं। 1679 के जज़िया प्रसंग में विरोध-पत्र को मेवाड़ के पहले के अधिक प्रसिद्ध शासकों के बजाय महाराणा राज सिंह से जोड़कर याद रखें।
