RAS प्रश्न
स्वामी दयानन्द सरस्वती ने 1865 ई. में राजस्थान की अपनी प्रथम यात्रा किस शासक के आग्रह पर की थी?
सही उत्तर: (A) करौली के मदनपाल।
स्वामी दयानन्द सरस्वती ने 1865 ई. में राजस्थान की अपनी पहली यात्रा करौली के शासक मदनपाल के आग्रह पर की थी।
व्याख्या
मदनपाल को करौली की गद्दी उस समय मिली जब डलहौजी की करौली-विलय संबंधी सिफारिश बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने नहीं मानी और विचार-विमर्श के बाद करौली राज्य फिर उसके शासक को सौंपा गया। मदनपाल ने 1854 ई. से 1869 ई. तक करौली पर शासन किया, इसलिए 1865 ई. में वही सक्रिय शासक था। करौली के इतिहास में मदनपाल के अंतर्गत 1865 ई. में स्वामी दयानन्द सरस्वती की करौली यात्रा को उनकी राजस्थान की पहली यात्रा बताया गया है। इसलिए निमंत्रण देने वाला शासक मदनपाल ही बैठता है; बाकी नाम 1865 ई. से पहले ही शासन से बाहर हो चुके थे।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) हरबक्षपाल का देहांत 1837 ई. में हो चुका था, इसलिए वह 1865 ई. में स्वामी दयानन्द को करौली बुलाने की स्थिति में नहीं था।
- (C) नरसिंहपाल की मृत्यु 1852 ई. में हो गई थी और उसके बाद गद्दी 1854 ई. तक विचाराधीन रही, इसलिए 1865 की यात्रा उससे नहीं जुड़ सकती।
- (D) प्रतापपाल का शासन 1848 ई. में समाप्त हो चुका था, जो स्वामी दयानन्द की पहली राजस्थान यात्रा से काफी पहले की बात है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान के रियासती इतिहास और 19वीं सदी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के स्थानीय संपर्क को परखता है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि वे शासक, कालक्रम और सुधारक-आंदोलन को एक साथ जोड़ते हैं।
