RAS प्रश्न
इंदौर जल संदूषण संकट में कम से कम 7 लोगों की मृत्यु हुई और 40 से अधिक लोग बीमार पड़े। किस राष्ट्रीय निकाय ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया?
सही उत्तर: (C) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC)।
इंदौर जिले के भागीरथपुरा जल-संदूषण मामले में 7 लोगों की मृत्यु और 40 से अधिक लोगों के बीमार होने की रिपोर्ट पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वतः संज्ञान लिया।
व्याख्या
मुख्य संकेत “स्वतः संज्ञान” है। NHRC की 1 जनवरी 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक आयोग ने मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया। इंदौर जिले के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने के बाद कम से कम 7 लोगों की मृत्यु और 40 से अधिक लोग बीमार हुए थे। आयोग ने माना कि रिपोर्ट सही होने पर पीड़ितों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला बनता है, इसलिए मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को 2 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने का नोटिस जारी किया गया। राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इसे गंभीर शासन विफलता कहा और संदूषण 30 साल पुरानी मुख्य जल पाइपलाइन में शौचालय का गंदा पानी रिसने से जुड़ा था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इस घटना में स्वतः संज्ञान लेने वाले निकाय के रूप में कार्रवाई नहीं की; आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कार्रवाई NHRC की थी।
- (B) केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रदूषण से जुड़े मामलों में भूमिका रखता है, लेकिन इस घटना पर स्वतः संज्ञान लेने की कार्रवाई NHRC ने की।
- (D) केंद्रीय सतर्कता आयोग का कार्यक्षेत्र भ्रष्टाचार और सतर्कता से जुड़ा है, जबकि दूषित जल से हुई मौतों और बीमारियों को मानवाधिकार का मामला मानकर NHRC ने कार्रवाई की।
अवधारणा
संवैधानिक शासन में मानवाधिकार संस्थाओं और उनके स्वतः संज्ञान अधिकार की समझ जरूरी है। RAS में ऐसी घटनाएं प्रशासनिक जवाबदेही, लोक स्वास्थ्य और संस्थागत प्रतिक्रिया को एक साथ जोड़ती हैं।
