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RAS प्रश्न

अभिकथन (A): चरक संहिता और सुश्रुत संहिता आयुर्वेद के दो मूल ग्रंथ हैं। कारण (R): चरक संहिता मुख्यतः शल्य चिकित्सा तकनीकों पर केंद्रित है जबकि सुश्रुत संहिता मुख्यतः आंतरिक चिकित्सा (कायचिकित्सा) से संबंधित है।

सही उत्तर: (C) A सही है, लेकिन R गलत है।

चरक संहिता और सुश्रुत संहिता आयुर्वेद के मूल ग्रंथों में गिनी जाती हैं, लेकिन चरक संहिता मुख्यतः कायचिकित्सा से और सुश्रुत संहिता शल्य चिकित्सा से संबंधित है।

  1. (A)

    A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या है

  2. (B)

    A और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है

  3. (C)

    A सही है, लेकिन R गलत है

  4. (D)

    A गलत है, लेकिन R सही है

व्याख्या

अभिकथन सही है, क्योंकि चरक संहिता और सुश्रुत संहिता आयुर्वेद की आधारभूत परंपरा के प्रमुख ग्रंथ हैं। Britannica में चरक संहिता और सुश्रुत संहिता को क्रमशः चरक, एक चिकित्सक, और सुश्रुत, एक शल्य-चिकित्सक, से जोड़ा गया है। इसी से R की गड़बड़ी साफ होती है: चरक संहिता को शल्य ग्रंथ बताना गलत है। चरक संहिता मुख्यतः कायचिकित्सा, औषधिविज्ञान और त्रिदोष सिद्धांत से संबंधित है, जबकि सुश्रुत संहिता शल्य चिकित्सा से जुड़ी है और उसमें 300+ शल्य क्रियाएं, 120+ शल्य उपकरण तथा राइनोप्लास्टी जैसी विधियां वर्णित हैं। इसलिए A सही है, पर R गलत है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) यह विकल्प R को सही मानता है, जबकि R में चरक संहिता को शल्य चिकित्सा और सुश्रुत संहिता को कायचिकित्सा से जोड़कर दोनों की भूमिका उलट दी गई है।
  • (B) यह विकल्प A और R दोनों को सही मानता है, जबकि समस्या केवल व्याख्या की नहीं है; R का मूल तथ्य ही गलत है।
  • (D) यह विकल्प A को गलत मानता है, जबकि चरक संहिता और सुश्रुत संहिता आयुर्वेद के महत्वपूर्ण मूल ग्रंथ हैं; गलत हिस्सा केवल R है।

अवधारणा

यह प्रश्न प्राचीन भारत में आयुर्वेदिक साहित्य और चिकित्सा-परंपरा के ग्रंथों की पहचान जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि कथन-कारण शैली में ग्रंथ, लेखक और विषय-क्षेत्र को उलटकर भ्रम बनाया जाता है।

स्रोत

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