RAS प्रश्न
अशोक का धम्म मुख्य रूप से किस पर आधारित था?
सही उत्तर: (B) सामाजिक सद्भाव के लिए नैतिक आचरण।
अशोक का धम्म मुख्य रूप से सामाजिक सद्भाव के लिए नैतिक आचरण पर आधारित था।
व्याख्या
अशोक के धम्म का केंद्र कोई संकीर्ण धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि ऐसा नैतिक आचरण था जिसे समाज में व्यापक रूप से अपनाया जा सके। इसमें अहिंसा, सहिष्णुता, बड़ों और गुरुओं का सम्मान, उदारता, सत्यवादिता और सभी प्राणियों के प्रति करुणा पर बल था। NCERT भी बताती है कि अशोक ने शिलालेखों में धम्म को अपने संदेश के रूप में रखा, जिसमें बड़ों का सम्मान, ब्राह्मणों और संन्यासियों के प्रति उदारता, दासों और सेवकों के साथ अच्छा व्यवहार, तथा अपने धर्म से अलग धर्मों और परंपराओं का सम्मान शामिल था। इसलिए धम्म का आधार सामाजिक सद्भाव के लिए नैतिक आचरण था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) जैन तपस्या धम्म का मुख्य आधार नहीं थी, क्योंकि धम्म को व्यापक सामाजिक नैतिकता के रूप में बताया गया है, किसी एक तपस्वी परंपरा के कठोर अनुशासन के रूप में नहीं।
- (C) वैदिक अनुष्ठान धम्म का केंद्र नहीं थे, क्योंकि धम्म में सम्मान, उदारता, करुणा और सहिष्णुता जैसे आचरण पर बल था।
- (D) कठोर बौद्ध मठीय नियम सही नहीं हैं, क्योंकि धम्म बौद्ध शिक्षाओं के समान नहीं था और वह कई परंपराओं से प्रेरित नैतिक संहिता थी।
अवधारणा
यह प्रश्न मौर्यकाल में अशोक के शिलालेखों और धम्म की प्रकृति को परखता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि इससे शासक की नीति, धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक नैतिकता को अलग-अलग पहचानना पड़ता है।
