RAS प्रश्न
आर्यभट किसके लिए जाने जाते हैं:
सही उत्तर: (C) यह प्रस्ताव कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है।
आर्यभट इसलिए जाने जाते हैं कि उन्होंने पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने की संभावना स्वीकार की।
व्याख्या
आर्यभट (476-550 ई.) प्राचीन भारतीय खगोल-विज्ञान के शास्त्रीय काल के विद्वान थे। उनका संबंध कुसुमपुर से था, जिसकी पहचान आधुनिक पटना से की जाती है, और संभवतः नालंदा परंपरा से भी था। उन्होंने 499 ई. में आर्यभटीय लिखा। इसे उस काल का सबसे पुराना सुरक्षित वैज्ञानिक ग्रंथ माना जाता है, जिसके साथ किसी लेखक का नाम जुड़ा है। इसमें गणित और खगोल-विज्ञान, दोनों विषय शामिल हैं। आर्यभट ने पृथ्वी के अपनी धुरी पर घूमने की संभावना स्वीकार की थी, इसलिए विकल्प C सही है। उन्होंने π का लगभग मान 3.1416 दिया, ग्रहणों की वैज्ञानिक व्याख्या की और शून्य का स्थान-सूचक के रूप में प्रयोग किया। ये योगदान गणित और खगोल-विज्ञान से जुड़े हैं, न कि शल्य-चिकित्सा, दूरबीन या गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत से।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) सुश्रुत संहिता और शल्य-चिकित्सा का संबंध सुश्रुत से है, जबकि आर्यभट का कार्य गणित और खगोल-विज्ञान से जुड़ा है।
- (B) दूरबीन के आविष्कार का श्रेय गैलीलियो को दिया जाता है, जबकि आर्यभट प्राचीन भारतीय गणित और खगोल-विज्ञान में अपने कार्य के लिए जाने जाते हैं।
- (D) गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत का श्रेय न्यूटन को दिया जाता है, जबकि आर्यभट पृथ्वी के घूर्णन और खगोल-विज्ञान से जुड़े अपने कार्य के लिए जाने जाते हैं।
अवधारणा
यह प्रश्न प्राचीन भारत में गणित और खगोल-विज्ञान के अध्ययन के संदर्भ में आर्यभट के जीवन, उनके ग्रंथ आर्यभटीय और उनके वैज्ञानिक विचारों को जोड़ता है। RAS में विद्वानों, उनके ग्रंथों और प्रमुख योगदानों के ऐसे संबंधों पर बार-बार सवाल पूछे जाते हैं।
