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RAS प्रश्न

नीति निदेशक तत्वों का अनुच्छेद 50 राज्य को निर्देश देता है:

सही उत्तर: (D) राज्य की लोक सेवाओं में न्यायपालिका को कार्यपालिका से पृथक करना।

अनुच्छेद 50 राज्य को राज्य की लोक सेवाओं में न्यायपालिका को कार्यपालिका से पृथक करने के कदम उठाने का निर्देश देता है।

  1. (A)

    राष्ट्रीय न्यायिक आयोग की स्थापना करना

  2. (B)

    पूरे देश के लिए एकसमान न्यायालय प्रणाली बनाना

  3. (C)

    सभी अभियुक्त व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करना

  4. (D)

    राज्य की लोक सेवाओं में न्यायपालिका को कार्यपालिका से पृथक करना

व्याख्या

नीति निदेशक तत्वों में अनुच्छेद 50 का विषय न्यायपालिका और कार्यपालिका को अलग रखना है। अनुच्छेद 50 राज्य को राज्य की लोक सेवाओं में न्यायपालिका को कार्यपालिका से पृथक करने के कदम उठाने का निर्देश देता है। इसलिए विकल्प D सही है: बात किसी नए आयोग, पूरे देश की एकसमान अदालत व्यवस्था या विधिक सहायता योजना की नहीं, बल्कि राज्य-स्तर की लोक सेवाओं में न्यायिक काम को कार्यपालिका के नियंत्रण से अलग रखने की है। यह व्यवस्था न्यायिक स्वतंत्रता को मजबूत करती है, और न्यायिक स्वतंत्रता विधि के शासन तथा मूल अधिकारों के संरक्षण के लिए जरूरी मानी जाती है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) राष्ट्रीय न्यायिक आयोग की स्थापना अनुच्छेद 50 का विषय नहीं है; यह अनुच्छेद न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करने के कदमों तक सीमित है।
  • (B) पूरे देश के लिए एकसमान न्यायालय प्रणाली बनाने की बात अनुच्छेद 50 में नहीं आती, क्योंकि इसका निर्देश राज्य की लोक सेवाओं में न्यायपालिका और कार्यपालिका को अलग रखने पर है।
  • (C) सभी अभियुक्त व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता देना अनुच्छेद 50 का विषय नहीं है; यहाँ मुद्दा विधिक सहायता नहीं, न्यायपालिका की कार्यपालिका से स्वतंत्रता है।

अवधारणा

नीति निदेशक तत्वों में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और शक्तियों के पृथक्करण की समझ आरएएस के लिए महत्त्वपूर्ण है। अनुच्छेद 50 सीधे शासन-व्यवस्था, विधि के शासन और मूल अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ता है।

स्रोत

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