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Aspirant Academy

RAS प्रश्न

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 38 राज्य को निर्देश देता है:

सही उत्तर: (B) जनता के कल्याण को बढ़ावा देने वाली सामाजिक व्यवस्था स्थापित करना और असमानताओं को कम करना।

अनुच्छेद 38 राज्य को निर्देश देता है कि वह जनता के कल्याण को बढ़ाने वाली सामाजिक व्यवस्था बनाए और उसे सुरक्षित रखे तथा आय, प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानताएँ कम करे।

  1. (A)

    न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करना

  2. (B)

    जनता के कल्याण को बढ़ावा देने वाली सामाजिक व्यवस्था स्थापित करना और असमानताओं को कम करना

  3. (C)

    ग्राम पंचायतों को स्वशासन की इकाइयों के रूप में संगठित करना

  4. (D)

    सभी नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करना

व्याख्या

अनुच्छेद 38 राज्य के नीति निदेशक तत्त्वों में शामिल है और राज्य की कल्याणकारी भूमिका से जुड़ा है। खंड (1) राज्य से अपेक्षा करता है कि वह ऐसी सामाजिक व्यवस्था बनाए और उसे सुरक्षित रखे, जो जनता के कल्याण को बढ़ाए और जिसमें सामाजिक, आर्थिक तथा राजनीतिक न्याय राष्ट्रीय जीवन की सभी संस्थाओं में दिखाई दे। 44वें संविधान संशोधन से जोड़ा गया खंड (2) इस दायित्व को अधिक स्पष्ट करता है। इसके अनुसार राज्य को आय की असमानताएँ कम करने और व्यक्तियों तथा समूहों के बीच प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानताएँ दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। इसलिए केवल विकल्प B ही अनुच्छेद 38 के दोनों पक्षों—जनता के कल्याण को बढ़ाने वाली सामाजिक व्यवस्था और असमानताओं में कमी—को समेटता है।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करना अनुच्छेद 38 का विषय नहीं है। यह अनुच्छेद कल्याणकारी सामाजिक व्यवस्था, राष्ट्रीय जीवन की संस्थाओं में न्याय और असमानताओं को कम करने से जुड़ा है।
  • (C) ग्राम पंचायतों को स्वशासन की इकाइयाँ बनाना अनुच्छेद 38 का विषय नहीं है। यह अनुच्छेद जनता के कल्याण, न्याय तथा आय, प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानताओं को कम करने से जुड़ा है।
  • (D) सभी नागरिकों को निःशुल्क विधिक सहायता देना अनुच्छेद 38 का विषय नहीं है। यह अनुच्छेद कल्याण, न्याय तथा आय, प्रतिष्ठा, सुविधाओं और अवसरों की असमानताओं को कम करने से जुड़ा व्यापक नीति निदेशक तत्त्व है।

अवधारणा

यह प्रश्न राज्य के नीति निदेशक तत्त्वों, खासकर कल्याणकारी राज्य और सामाजिक-आर्थिक न्याय की समझ तथा हर संवैधानिक अनुच्छेद को उसके नीतिगत उद्देश्य से जोड़ने की क्षमता जाँचता है। RAS में अनुच्छेद 38 बार-बार पूछा जाता है, क्योंकि यह राज्य की नीति की व्यापक दिशा बताता है और सामाजिक न्याय से जुड़े दूसरे प्रावधानों से इसका भ्रम हो सकता है।

स्रोत

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