RAS प्रश्न
अनुच्छेद 300A किसका प्रावधान करता है?
सही उत्तर: (D) संपत्ति का अधिकार एक विधिक अधिकार (मूल अधिकार नहीं) के रूप में।
अनुच्छेद 300A संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकार नहीं, बल्कि विधिक अधिकार के रूप में सुरक्षित करता है।
व्याख्या
अनुच्छेद 300A का सीधा नियम है कि किसी व्यक्ति को कानून के प्राधिकार के बिना उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। इसलिए यह संपत्ति को असीम या मूल अधिकार की तरह नहीं रखता; सुरक्षा केवल इतनी है कि संपत्ति से वंचित करने के लिए कानून का आधार होना चाहिए। मौजूदा व्यवस्था 44वें संशोधन, 1978 के बाद बनी, जब संपत्ति का अधिकार मूल अधिकारों से हटाया गया और अनुच्छेद 19(1)(f) तथा 31 हटाए गए। इसी कारण परीक्षा में इसका सही वर्गीकरण “विधिक अधिकार, मूल अधिकार नहीं” है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अनुच्छेद 300A संपत्ति को मूल अधिकार नहीं बनाता, क्योंकि 44वें संशोधन के बाद संपत्ति का अधिकार मूल अधिकारों से हटाया गया।
- (B) इस अनुच्छेद का केंद्र सरकार को कोई भी संपत्ति अर्जित करने की खुली शक्ति देना नहीं, बल्कि कानून के प्राधिकार के बिना संपत्ति से वंचित न करने की सीमा तय करना है।
- (C) यह सभी संपत्ति अधिकारों को समाप्त नहीं करता, बल्कि संपत्ति से वंचित करने के लिए कानून के आधार की शर्त रखता है।
अवधारणा
यह प्रश्न मूल अधिकार और विधिक अधिकार के अंतर को जांचता है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि 44वें संशोधन के बाद संपत्ति के अधिकार की स्थिति सीधे अनुच्छेद 300A से जुड़ती है।
