RAS प्रश्न
अनुच्छेद 26 धार्मिक मामलों के प्रबंधन के अधिकार की गारंटी देता है। अनुच्छेद 26(b) के तहत, धार्मिक संप्रदाय किन मामलों में अपने मामलों का प्रबंधन कर सकते हैं?
सही उत्तर: (C) धर्म।
अनुच्छेद 26(b) के तहत प्रत्येक धार्मिक संप्रदाय या उसके किसी भाग को धर्म से जुड़े मामलों में अपने काम-काज का प्रबंधन करने का अधिकार है।
व्याख्या
अनुच्छेद 26 धार्मिक संप्रदायों को धार्मिक मामलों के प्रबंधन का अधिकार देता है, लेकिन यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन है। इसका खंड 26(b) बहुत साफ है: संप्रदाय अपने मामलों का प्रबंधन केवल धर्म से जुड़े विषयों में कर सकते हैं। इसलिए सही उत्तर “धर्म” है। संपत्ति से जुड़े अधिकार इसी खंड में नहीं आते; अनुच्छेद 26(c) चल और अचल संपत्ति रखने और अर्जित करने की बात करता है, जबकि 26(d) ऐसी संपत्ति का कानून के अनुसार प्रशासन करने की बात करता है। इसी कारण राज्य धार्मिक निकायों की धर्मनिरपेक्ष गतिविधियों को नियंत्रित कर सकता है, पर 26(b) का मूल संरक्षण धार्मिक विषयों तक सीमित रहता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) “केवल धर्म और प्रशासन” गलत है, क्योंकि 26(b) धर्म से जुड़े मामलों तक सीमित है; संपत्ति या उसके प्रशासन की बात अलग से 26(c) और 26(d) में आती है।
- (B) “सभी लौकिक और आध्यात्मिक मामले” गलत है, क्योंकि 26(b) सभी लौकिक मामलों को नहीं जोड़ता, बल्कि केवल धर्म से जुड़े मामलों का प्रबंधन सुरक्षित करता है।
- (D) “धर्म, राजनीति और अर्थशास्त्र” गलत है, क्योंकि 26(b) में राजनीति या अर्थशास्त्र का अधिकार नहीं दिया गया; उसका दायरा धर्म के मामलों तक ही है।
अवधारणा
यह प्रश्न मौलिक अधिकारों में धार्मिक स्वतंत्रता, खासकर अनुच्छेद 26 के खंडों के अलग-अलग दायरे को परखता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि विकल्प अक्सर धर्म, संपत्ति और प्रशासन को मिलाकर भ्रम पैदा करते हैं।
