RAS प्रश्न
अनुच्छेद 19(2) राज्य को वाक् स्वतंत्रता पर किन आधारों पर उचित प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है:
सही उत्तर: (C) भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों से मैत्रीपूर्ण संबंध, लोक व्यवस्था, शिष्टाचार या सदाचार, न्यायालय की अवमानना, मानहानि, अपराध के लिए उकसाना।
अनुच्छेद 19(2) वाक् स्वतंत्रता पर उचित प्रतिबंधों के लिए भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों से मैत्रीपूर्ण संबंध, लोक व्यवस्था, शिष्टाचार या सदाचार, न्यायालय की अवमानना, मानहानि और अपराध के लिए उकसाने को आधार मानता है।
व्याख्या
अनुच्छेद 19(1)(a) वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, लेकिन अनुच्छेद 19(2) साफ करता है कि यह स्वतंत्रता निरपेक्ष नहीं है। राज्य मौजूदा कानूनों को लागू रख सकता है या नया कानून बना सकता है, पर प्रतिबंध ‘उचित’ होना चाहिए और केवल इन्हीं संवैधानिक आधारों से जुड़ा होना चाहिए। ये आधार हैं: भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों से मैत्रीपूर्ण संबंध, लोक व्यवस्था, शिष्टाचार या सदाचार, न्यायालय की अवमानना, मानहानि और अपराध के लिए उकसाना। इसलिए सही उत्तर C है, क्योंकि वही पूरा संवैधानिक दायरा समेटता है। ‘भारत की संप्रभुता और अखंडता’ 16वें संविधान संशोधन, 1963 से जोड़ा गया आधार है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A केवल लोक व्यवस्था और सदाचार तक सीमित रह जाता है, जबकि अनुच्छेद 19(2) में इनके साथ राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों से मैत्रीपूर्ण संबंध, न्यायालय की अवमानना, मानहानि और अपराध के लिए उकसाने जैसे अन्य आधार भी हैं।
- (B) B संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा तक सीमित है, जबकि अनुच्छेद 19(2) में विदेशी राज्यों से मैत्रीपूर्ण संबंध, लोक व्यवस्था, शिष्टाचार या सदाचार, अवमानना, मानहानि और उकसावा भी शामिल हैं।
- (D) राज्य अपनी सुविधा से कोई भी आधार नहीं चुन सकता; अनुच्छेद 19(2) प्रतिबंधों को निर्धारित संवैधानिक आधारों और उचित प्रतिबंध की कसौटी से बांधता है।
अवधारणा
मौलिक अधिकारों में वाक् स्वतंत्रता और उसके संवैधानिक प्रतिबंधों की सीमा अनुच्छेद 19 से तय होती है। RAS में अनुच्छेद 19 बार-बार आता है क्योंकि यह नागरिक स्वतंत्रता, राज्य-शक्ति और न्यायिक नियंत्रण के बीच संतुलन समझने का मूल आधार है।
