RAS प्रश्न
अनुच्छेद 16(4) राज्य को किस प्रकार के प्रावधान बनाने की अनुमति देता है?
सही उत्तर: (C) पर्याप्त रूप से प्रतिनिधित्व न पाने वाले पिछड़े वर्गों के लिए सार्वजनिक रोजगार में आरक्षण।
अनुच्छेद 16(4) राज्य को ऐसे पिछड़े वर्गों के पक्ष में नियुक्तियों या पदों के आरक्षण का प्रावधान करने देता है जिनका राज्य की राय में राज्य के अधीन सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है।
व्याख्या
अनुच्छेद 16 सार्वजनिक रोजगार में अवसर की समानता से जुड़ा है, लेकिन उसका खंड 16(4) राज्य को एक सीमित छूट देता है। यह छूट सामान्य आरक्षण के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों के ऐसे पिछड़े वर्ग के लिए है जिसका राज्य की राय में राज्य के अधीन सेवाओं में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है। इसलिए सही बात यह है कि राज्य नियुक्तियों या पदों में आरक्षण का प्रावधान कर सकता है, पर शर्त यह है कि लाभार्थी वर्ग पिछड़ा हो और सेवाओं में उसका प्रतिनिधित्व अपर्याप्त माना गया हो। इसी कारण विकल्प C सही है: इसमें पिछड़े वर्ग, सार्वजनिक रोजगार और पर्याप्त प्रतिनिधित्व की तीनों अनिवार्य बातें एक साथ आती हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) केवल आर्थिक मानदंड अनुच्छेद 16(4) का आधार नहीं है, क्योंकि यह खंड पिछड़े वर्ग और सेवाओं में अपर्याप्त प्रतिनिधित्व की बात करता है।
- (B) विधानमंडलों में महिलाओं के आरक्षण का विषय अनुच्छेद 16(4) के पाठ में नहीं है; यह खंड राज्य के अधीन सेवाओं में नियुक्तियों या पदों से जुड़ा है।
- (D) निजी क्षेत्र की नौकरियां अनुच्छेद 16(4) के दायरे में नहीं आतीं, क्योंकि स्रोत का पाठ राज्य के अधीन सेवाओं में नियुक्तियों या पदों की बात करता है।
अवधारणा
यह प्रश्न मौलिक अधिकारों में सार्वजनिक रोजगार की समानता और आरक्षण के संवैधानिक आधार को परखता है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि समानता, सामाजिक न्याय और राज्य सेवाओं में प्रतिनिधित्व के बीच का अंतर प्रशासनिक समझ के लिए जरूरी है।
