RAS प्रश्न
अनुच्छेद 153 कहता है कि प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा। क्या एक ही व्यक्ति दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल बन सकता है?
सही उत्तर: (D) हां, 7वें संशोधन द्वारा संशोधित अनुच्छेद 153 के तहत।
7वें संशोधन, 1956 के बाद अनुच्छेद 153 के तहत एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया जा सकता है।
व्याख्या
अनुच्छेद 153 का मूल नियम यह है कि प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्यपाल होगा, लेकिन इसी अनुच्छेद में जोड़ा गया परंतुक इस नियम को सीमित अर्थ में पढ़ने से रोकता है। इस अनुच्छेद की कोई बात एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त करने से नहीं रोकती। यह परंतुक संविधान के 7वें संशोधन अधिनियम, 1956 से जोड़ा गया था। इसलिए संवैधानिक स्थिति केवल यह नहीं है कि हर राज्य में राज्यपाल होगा, बल्कि यह भी है कि जरूरत पड़ने पर वही व्यक्ति एक से अधिक राज्यों का राज्यपाल हो सकता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 153 का परंतुक एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल नियुक्त करने की अनुमति देता है।
- (B) B गलत है, क्योंकि यह व्यवस्था आपातकाल तक सीमित नहीं है।
- (C) C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 153 के परंतुक में ऐसी नियुक्ति के लिए संसद की स्वीकृति की शर्त नहीं दी गई है।
अवधारणा
राज्य कार्यपालिका में राज्यपाल से जुड़ी संवैधानिक व्यवस्था RAS के लिए महत्वपूर्ण है। छोटे संशोधन और परंतुक मूल अनुच्छेद के अर्थ को बदल देते हैं, इसलिए ऐसे बिंदुओं पर बार-बार प्रश्न आते हैं।
