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RAS प्रश्न

अनुच्छेद 148(4) कहता है कि CAG पद छोड़ने के बाद सरकार के अधीन किसी और पद के योग्य नहीं होगा। इससे क्या सुनिश्चित होता है:

सही उत्तर: (C) CAG की स्वतंत्रता और निष्पक्षता।

अनुच्छेद 148(4) में पद छोड़ने के बाद CAG को सरकार के अधीन किसी और पद के अयोग्य बनाना उसकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।

  1. (A)

    कुशल लेखापरीक्षा

  2. (B)

    CAG का जल्दी-जल्दी बदलना

  3. (C)

    CAG की स्वतंत्रता और निष्पक्षता

  4. (D)

    कि केवल युवा व्यक्तियों की नियुक्ति हो

व्याख्या

अनुच्छेद 148(4) का उद्देश्य CAG को सरकार से संस्थागत दूरी देना है। पद छोड़ने के बाद आगे सरकारी रोजगार पर रोक लगने से नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक भय या पक्षपात के बिना काम कर सकता है और सेवानिवृत्ति के बाद लाभ पाने के लिए सरकार को प्रसन्न करने की जरूरत नहीं रहती। CAG के आधिकारिक प्रश्नोत्तर में भी स्वतंत्र और निष्पक्ष लेखापरीक्षा के लिए जिन संवैधानिक सुरक्षाओं का उल्लेख है, उनमें राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति, हटाने की विशेष प्रक्रिया, भारत की संचित निधि पर वेतन व खर्च, और पदावधि समाप्त होने के बाद कोई अन्य सरकारी पद न लेने की रोक शामिल है। इसलिए यह प्रावधान लेखापरीक्षा की गति या नियुक्ति की आयु नहीं, बल्कि स्वतंत्रता और निष्पक्षता से जुड़ा है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) कुशल लेखापरीक्षा CAG के काम का अच्छा परिणाम हो सकता है, लेकिन पद छोड़ने के बाद सरकारी पद पर रोक का सीधा उद्देश्य दक्षता नहीं, सरकार से स्वतंत्रता बनाए रखना है।
  • (B) CAG का त्वरित पद-परिवर्तन इस प्रावधान से सिद्ध नहीं होता, क्योंकि रोक पदावधि के बाद सरकारी पद लेने पर है, पद बदलने की गति पर नहीं।
  • (D) केवल युवा व्यक्तियों की नियुक्ति इससे जुड़ी नहीं है, क्योंकि अनुच्छेद 148(4) पद छोड़ने के बाद की अयोग्यता बताता है, नियुक्ति की आयु-शर्त नहीं।

अवधारणा

संवैधानिक पदों की स्वतंत्रता और नियंत्रण-तंत्र की संस्थागत सुरक्षा CAG की व्यवस्था में केंद्रीय महत्व रखती है। RAS में CAG बार-बार इसलिए पूछा जाता है क्योंकि वह सरकारी जवाबदेही और वित्तीय लेखापरीक्षा का प्रमुख संवैधानिक अंग है।

स्रोत

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