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RAS प्रश्न

अनुच्छेद 141 कहता है कि:

सही उत्तर: (C) सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित विधि भारत के सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होगी।

अनुच्छेद 141 के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित विधि भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होती है।

  1. (A)

    सर्वोच्च न्यायालय अपने स्वयं के निर्णयों की समीक्षा कर सकता है

  2. (B)

    संसद सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों को अपास्त नहीं कर सकती

  3. (C)

    सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित विधि भारत के सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होगी

  4. (D)

    सभी न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय के अधीनस्थ हैं

व्याख्या

अनुच्छेद 141 सीधे यह नियम तय करता है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित विधि भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होगी। इसलिए सही बात यह नहीं है कि केवल कोई निर्णय महत्वपूर्ण है, बल्कि यह है कि सर्वोच्च न्यायालय जिस विधि-सिद्धांत को घोषित करता है, उसे भारत के सभी न्यायालयों को मानना पड़ता है। इसी कारण सर्वोच्च न्यायालय संविधान की अंतिम व्याख्या करने वाली अदालत माना जाता है और उसके निर्णय मिसाल के रूप में काम करते हैं। प्रश्न में विकल्प C इसी बाध्यकारी प्रभाव को ठीक-ठीक पकड़ता है, इसलिए वही उत्तर है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) विकल्प A सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपने निर्णयों की समीक्षा की बात करता है, जबकि अनुच्छेद 141 का विषय समीक्षा-शक्ति नहीं, सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित विधि का सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होना है।
  • (B) विकल्प B संसद पर रोक की बात करता है, लेकिन अनुच्छेद 141 का पाठ संसद की शक्ति पर नहीं, भारत के सभी न्यायालयों पर सर्वोच्च न्यायालय की घोषित विधि की बाध्यता पर केंद्रित है।
  • (D) विकल्प D सभी न्यायालयों को सर्वोच्च न्यायालय के अधीन बताता है, जबकि अनुच्छेद 141 संस्थागत अधीनता नहीं कहता; वह केवल घोषित विधि को सभी न्यायालयों के लिए बाध्यकारी बनाता है।

अवधारणा

यह प्रश्न न्यायिक मिसाल और सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक भूमिका की समझ जांचता है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि संविधान की व्याख्या, न्यायपालिका की शक्ति और अदालतों की बाध्यता शासन-व्यवस्था के मूल विषय हैं।

स्रोत

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