RAS प्रश्न
एंजल टैक्स किससे संबंधित था?
सही उत्तर: (A) उचित बाजार मूल्य से अधिक मिली स्टार्टअप फंडिंग पर कर।
एंजल टैक्स किसी स्टार्टअप या असूचीबद्ध भारतीय कंपनी को उचित बाजार मूल्य से अधिक मिले शेयर प्रीमियम पर लगता था; धारा 56(2)(वीआईआईबी) के तहत इस अतिरिक्त राशि को अन्य स्रोतों से आय माना जाता था।
व्याख्या
आयकर अधिनियम की धारा 56(2)(वीआईआईबी) के तहत किसी असूचीबद्ध भारतीय कंपनी को उचित बाजार मूल्य से अधिक मिला शेयर प्रीमियम अन्य स्रोतों से आय माना जाता था और कंपनी को उस पर कर देना पड़ता था। स्टार्टअप वित्तपोषण से इसका संबंध इसलिए था कि उचित बाजार मूल्य से अधिक जुटाई गई राशि को केवल पूंजी मानने के बजाय कंपनी से उस पर कर लिया जा सकता था। प्रेस सूचना ब्यूरो के बजट 2024-25 संबंधी नोट के अनुसार, वित्त मंत्री ने भारत में स्टार्टअप, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सभी वर्गों के निवेशकों पर लागू एंजल टैक्स हटाने का प्रस्ताव रखा। इसलिए एंजल टैक्स उचित बाजार मूल्य से अधिक मिले वित्तपोषण से संबंधित था; यह एंजल निवेशक के लाभ पर लगने वाला कर नहीं था।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) एंजल टैक्स एंजल निवेशकों के लाभ पर नहीं लगता था। यह कंपनी को मिले उस अतिरिक्त शेयर प्रीमियम पर लागू होता था, जिसे धारा 56(2)(वीआईआईबी) के तहत अन्य स्रोतों से आय माना जाता था।
- (C) यह सामान्य विदेशी निवेश पर लगने वाला कर नहीं था। धारा 56(2)(वीआईआईबी) तब लागू होती थी जब शेयर प्रीमियम उचित बाजार मूल्य से अधिक हो, न कि केवल इसलिए कि निवेश विदेशी था।
- (D) मंदिरों को दिए गए दान का धारा 56(2)(वीआईआईबी), स्टार्टअप वित्तपोषण, शेयर प्रीमियम या उचित बाजार मूल्य से कोई संबंध नहीं था।
अवधारणा
यह प्रश्न स्टार्टअप वित्तपोषण में कराधान की आपकी समझ जाँचता है, खासकर यह कि आयकर के प्रावधान पूंजी जुटाने को कैसे प्रभावित कर सकते हैं। RAS में यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बजट घोषणाओं और स्टार्टअप नीति के उपायों से जुड़े छोटे प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
