RAS प्रश्न
अलवर चित्रकला शैली किसके लिए जानी जाती है?
सही उत्तर: (C) कामुक विषय और मुगल प्रभावित चित्र।
अलवर चित्रकला शैली राजपूत और मुगल शैलियों के मिश्रित रूप में शृंगारिक विषयों तथा मुगल प्रभाव वाले विस्तृत व्यक्ति-चित्रों के लिए जानी जाती है।
व्याख्या
अलवर चित्रकला में मुगल प्रभाव और राजपूत विशेषताओं का मेल मिलता है, जो उसके विस्तृत व्यक्ति-चित्रों में सबसे साफ़ दिखाई देता है। इसमें शृंगारिक विषय भी चित्रित किए गए हैं; इसलिए इसे केवल धार्मिक, आदिवासी या मरुस्थलीय कला नहीं माना जा सकता। अलवर के राजकीय संग्रहालय के संग्रह में रागमाला चित्र, लघुचित्र और सम्राट बाबर के जीवन को दर्शाने वाली एक दुर्लभ पांडुलिपि शामिल है। यह परिष्कृत दरबारी संदर्भ अलवर शैली को शृंगारिक विषयों और मुगल प्रभाव वाले व्यक्ति-चित्रों के लिए प्रसिद्ध राजपूत-मुगल मिश्रित शैली के रूप में पहचानने का आधार देता है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) अलवर चित्रकला केवल धार्मिक कला तक सीमित नहीं है। इसमें शृंगारिक विषय और मुगल प्रभाव वाले व्यक्ति-चित्र भी मिलते हैं, जबकि राजकीय संग्रहालय के संग्रह में रागमाला चित्र और लघुचित्र शामिल हैं।
- (B) अलवर शैली आदिवासी कला नहीं है; यह विस्तृत व्यक्ति-चित्रों वाली दरबारी राजपूत-मुगल परंपरा से जुड़ी है।
- (D) मरुस्थलीय विषय मारवाड़ से जुड़े हैं, जबकि अलवर की पहचान दरबारी राजपूत-मुगल चित्रकला से होती है।
अवधारणा
यह अवधारणा राजस्थान की क्षेत्रीय चित्रकला शैलियों की पहचान परखती है। RAS में शैली, आश्रय और विषय-वस्तु के आधार पर दरबारी राजपूत-मुगल चित्रकला को लोक, आदिवासी, केवल धार्मिक और मरुस्थलीय परंपराओं से अलग पहचाना जाता है।
