RAS प्रश्न
1303 ई. में अलाउद्दीन खिलजी की चित्तौड़गढ़ घेराबंदी के दौरान हुआ चित्तौड़गढ़ का पहला जौहर किससे जुड़ा है?
सही उत्तर: (D) रानी पद्मिनी।
1303 ई. में अलाउद्दीन खिलजी की चित्तौड़गढ़ घेराबंदी से जुड़ा पहला जौहर रानी पद्मिनी से संबंधित माना जाता है।
व्याख्या
चित्तौड़गढ़ का पहला जौहर 1303 ई. की घटना के रूप में रानी पद्मिनी से जोड़ा जाता है। Rajasthan Foundation के Bravery Stories पेज के अनुसार, अलाउद्दीन खिलजी द्वारा राजा रावल रतन सिंह को हराने के बाद रानी पद्मिनी ने चित्तौड़गढ़ का पहला जौहर किया। इस घटना की केंद्रीय पहचान अलाउद्दीन खिलजी की घेराबंदी, रावल रतन सिंह का युद्ध और रानी पद्मिनी के साथ राजघराने की महिलाओं द्वारा सम्मान की रक्षा के लिए किया गया जौहर है। इसलिए विकल्प D सही है, क्योंकि बाकी नाम चित्तौड़गढ़ के इस पहले जौहर से नहीं, अलग प्रसंगों या बाद की घटनाओं से जुड़े हैं।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) रानी हाड़ी को 1303 ई. के चित्तौड़गढ़ के पहले जौहर से स्पष्ट रूप से नहीं जोड़ा गया है।
- (B) रानी कर्णावती चित्तौड़गढ़ के दूसरे जौहर, 1535, से जुड़ी मानी जाती हैं; इसलिए 1303 ई. के पहले जौहर के लिए यह विकल्प सही नहीं है।
- (C) रानी फूल कंवर तीसरे साका से जुड़ी बताई जाती हैं, जबकि 1303 ई. की घटना चित्तौड़गढ़ के पहले जौहर से संबंधित है।
अवधारणा
राजस्थान इतिहास में मेवाड़, चित्तौड़गढ़ के साके-जौहर और उनसे जुड़े व्यक्तित्वों की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि घटना, वर्ष और व्यक्ति को अलग-अलग विकल्पों में उलझाकर पूछा जाता है।
