RAS प्रश्न
अलाउद्दीन खलजी के बाज़ार सुधारों में शामिल थे:
सही उत्तर: (D) आवश्यक वस्तुओं के निर्धारित मूल्य, बाज़ार नियंत्रक (शहना-ई-मंडी), और खुफिया नेटवर्क।
अलाउद्दीन खलजी के बाज़ार सुधारों में आवश्यक वस्तुओं के निर्धारित मूल्य, बाज़ार नियंत्रक शहना-ई-मंडी और खुफिया निगरानी व्यवस्था शामिल थी।
व्याख्या
अलाउद्दीन खलजी (1296-1316) ने बाज़ार को प्रशासनिक और सैन्य जरूरतों से जोड़ा। उसने अनाज, कपड़ा तथा घोड़े, मवेशी और दासों के लिए अलग बाज़ारों में कठोर मूल्य-नियंत्रण लागू किया। सुल्तान ने अनाज से कपड़े, दास और मवेशी तक वस्तुओं के दाम तय किए और उन्हें लागू कराने के लिए शहना-ई-मंडी, बरीद और मुनहियान जैसी निगरानी व्यवस्था रखी। इसका उद्देश्य कीमतें नीचे रखना था, ताकि बड़ी सेना कम खर्च में रखी जा सके। इन सुधारों में केवल कोई एक उपाय नहीं, बल्कि मूल्य-नियंत्रण, बाज़ार-नियंत्रक और खुफिया जाँच का संयुक्त ढांचा शामिल था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) केवल कर सुधार कहना अधूरा है, क्योंकि बाज़ार सुधारों का मुख्य आधार तय कीमतें, नियंत्रक और निगरानी व्यवस्था थी।
- (B) केवल धार्मिक सुधार सही नहीं है, क्योंकि ये सुधार प्रशासनिक और सैन्य जरूरतों से जुड़े बाज़ार-नियंत्रण के रूप में लागू हुए थे।
- (C) केवल सैन्य सुधार कहना भी पर्याप्त नहीं है, क्योंकि बड़ी सेना को सस्ता बनाए रखने का लक्ष्य बाज़ार में कीमतें तय करने और उनकी निगरानी से पूरा किया गया था।
अवधारणा
दिल्ली सल्तनत के आर्थिक और प्रशासनिक उपायों में खलजी काल का बाज़ार-नियंत्रण प्रमुख उदाहरण है। RAS में यह विषय बार-बार आता है, क्योंकि खलजी काल में सैन्य जरूरत और बाज़ार-नियंत्रण का सीधा संबंध दिखता है।
