RAS प्रश्न
अलाउद्दीन खिलजी की बाजार नियंत्रण प्रणाली में 'शहना-ई-मंडी' शामिल था। यह क्या पद था?
सही उत्तर: (C) बाजार अधीक्षक।
अलाउद्दीन खिलजी की बाज़ार नियंत्रण व्यवस्था में शहना-ई-मंडी वह बाज़ार अधीक्षक था, जो तय कीमतों का पालन कराता था और बाज़ार की व्यवस्था पर नज़र रखता था।
व्याख्या
अलाउद्दीन खिलजी के बाज़ार सुधार व्यापार और कीमतों पर राज्य की सीधी निगरानी पर आधारित थे। दिल्ली में अनाज; कपड़े और अन्य वस्तुओं; घोड़ों, मवेशियों और दासों; तथा विविध सामान के लिए अलग-अलग बाज़ार थे। हर बाज़ार की निगरानी शहना-ई-मंडी नामक उच्च अधिकारी करता था। कीमतें तय थीं, व्यापारियों का बाज़ार विभाग में पंजीकरण होता था और सुल्तान के आदेश तोड़ने पर सज़ा दी जाती थी। इसलिए यह पद बाज़ार की निगरानी और तय कीमतों का पालन कराने से जुड़ा था, न कि राजस्व-वसूली, न्यायिक कार्य या गुप्तचर व्यवस्था से। इस बहुविकल्पीय प्रश्न में 'मंडी' शब्द बाज़ार पर नियंत्रण के इसी काम की ओर संकेत करता है, इसलिए विकल्प C, बाज़ार अधीक्षक, सही है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) राजस्व संग्रहकर्ता राजस्व प्रशासन से जुड़ा पद था, जबकि शहना-ई-मंडी बाज़ार की निगरानी और तय कीमतों का पालन कराने के लिए ज़िम्मेदार था।
- (B) मुख्य न्यायाधीश न्यायिक प्रशासन से जुड़ा पद था, जबकि शहना-ई-मंडी मुकदमों का फैसला करने के बजाय बाज़ारों की निगरानी करता था।
- (D) मुख्य गुप्तचर खुफिया व्यवस्था से जुड़ा पद था, जबकि शहना-ई-मंडी बाज़ारों की निगरानी के लिए ज़िम्मेदार था।
अवधारणा
यह प्रश्न दिल्ली सल्तनत की प्रशासनिक शब्दावली, खासकर अलाउद्दीन खिलजी के बाज़ार सुधारों से जुड़े पदों की समझ जाँचता है। RAS में ऐसे पद इसलिए महत्वपूर्ण हैं कि वे केवल शासकों का कालक्रम पूछने के बजाय मध्यकालीन संस्थाओं को उनके सही काम से जोड़ते हैं।
