RAS प्रश्न
अलाउद्दीन खिलजी का कपड़ा बाजार (सराय अदल) किसकी कीमतों को नियंत्रित करता था?
सही उत्तर: (B) वस्त्र, चीनी, घी, तेल और अन्य निर्मित सामान।
अलाउद्दीन खिलजी के कपड़ा बाजार, यानी सराय अदल, में वस्त्र, चीनी, घी, तेल और अन्य रोजमर्रा के निर्मित सामान की कीमतें नियंत्रित की जाती थीं।
व्याख्या
अलाउद्दीन खिलजी के बाजार सुधारों में दिल्ली में अलग-अलग वस्तुओं के लिए अलग बाजार बनाए गए थे। अनाज के बाजार से अलग कपड़ा, चीनी, सूखे मेवे, मक्खन और तेल के लिए एक अलग बाजार था। यही बाजार कपड़ा बाजार या सराय अदल कहलाता था। इसलिए इसका दायरा केवल कपड़े या किसी विलासी वस्तु तक सीमित नहीं था; इसमें रोजमर्रा की जरूरी उपभोग-वस्तुएं भी आती थीं। हर बाजार पर शहना-ए-मंडी जैसे अधिकारी का नियंत्रण था, सरकारी पंजीकरण और मूल्य-सूचियों के जरिए कीमतों को बांधा जाता था। इसी कारण विकल्प B सही है, क्योंकि उसमें कपड़ा, चीनी, घी, तेल और अन्य सामान साथ रखे गए हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) सराय अदल को केवल आयातित सामान तक सीमित बताना गलत है, क्योंकि इस बाजार में कपड़ा, चीनी, सूखे मेवे, मक्खन और तेल जैसी सामान्य वस्तुएं शामिल थीं।
- (C) हथियार इस कपड़ा बाजार के दायरे में नहीं आते थे; अलाउद्दीन के अलग बाजारों में सराय अदल कपड़े और उपभोग-वस्तुओं से जुड़ा था।
- (D) केवल रेशमी वस्त्र कहना दायरे को बहुत छोटा कर देता है, क्योंकि सराय अदल में कपड़े के साथ चीनी, घी, तेल और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी नियंत्रित थीं।
अवधारणा
यह प्रश्न दिल्ली सल्तनत में अलाउद्दीन खिलजी के बाजार सुधारों और प्रशासनिक नियंत्रण की समझ जांचता है। RAS में यह विषय इसलिए बार-बार आता है क्योंकि इससे मध्यकालीन राज्य की सेना, राजस्व और मूल्य-नियमन नीति को जोड़कर पूछा जा सकता है।
