RAS प्रश्न
अल-बिरूनी, जिन्होंने 'किताब-उल-हिन्द' लिखी, किसके साथ भारत आए थे?
सही उत्तर: (B) महमूद गज़नवी (11वीं शताब्दी का आरंभ)।
किताब-उल-हिन्द के लेखक अबू रैहान अल-बिरूनी 11वीं सदी के आरंभिक गज़नवी दौर में भारत आए थे, जो महमूद गज़नवी से जुड़ा था।
व्याख्या
अल-बिरूनी का संबंध महमूद गज़नवी से है, विकल्पों में दिए गए बाद के शासकों से नहीं। NCERT के अनुसार, सुल्तान महमूद ने 1017 में ख्वारिज्म पर आक्रमण किया और कई विद्वानों तथा कवियों को गज़नी वापस ले गया; अल-बिरूनी उन्हीं में थे। गज़नी में भारत को जानने में अल-बिरूनी की रुचि और बढ़ी। जब पंजाब गज़नवी साम्राज्य का हिस्सा बना, तो वहाँ के ब्राह्मण विद्वानों से उनका संपर्क हुआ। उनकी मदद से उन्होंने संस्कृत सीखी और भारतीय धार्मिक तथा दार्शनिक ग्रंथों का अध्ययन किया। उनकी किताब-उल-हिन्द अरबी में लिखी 80 अध्यायों की विस्तृत और सुबोध रचना है, जिसमें धर्म, दर्शन, त्योहारों, खगोलशास्त्र, आचार-व्यवहार, रीति-रिवाज़, सामाजिक जीवन, माप-तौल, कानून और इनसे जुड़े अन्य विषयों का वर्णन है। इसलिए RAS का सही उत्तर महमूद गज़नवी है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) तैमूर सही नहीं है। अल-बिरूनी गज़नी पहुँचे और बाद में उन्होंने भारत का अध्ययन किया; ये दोनों बातें सुल्तान महमूद के गज़नवी दौर से जुड़ी हैं, जो तैमूर के समय से पहले का था।
- (C) मुहम्मद गोरी सही नहीं है, क्योंकि अल-बिरूनी की भारत में रुचि सुल्तान महमूद के समय के गज़नवी दौर में विकसित हुई थी; यह मुहम्मद गोरी से जुड़े गोरी दौर से पहले की बात है।
- (D) बाबर सही नहीं है, क्योंकि अल-बिरूनी की किताब-उल-हिन्द और संस्कृत का उनका अध्ययन महमूद गज़नवी के समय गज़नी और पंजाब में रही गज़नवी सत्ता से जुड़े हैं, न कि बहुत बाद में बाबर के अधीन हुई मुगल साम्राज्य की स्थापना से।
अवधारणा
यह प्रश्न मध्यकालीन भारतीय इतिहास के स्रोतों की आपकी समझ जाँचता है। विदेशी यात्रियों और राजदरबार से जुड़े विद्वानों के लेखन से उस दौर का इतिहास समझने में मदद मिलती है। RAS में इससे जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, क्योंकि अल-बिरूनी की किताब-उल-हिन्द भारतीय समाज, धर्म और ज्ञान-परंपराओं को एक विदेशी विद्वान की नज़र से समझने का प्रमुख स्रोत है।
