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RAS प्रश्न

अकबर का इबादतखाना क्या था?

सही उत्तर: (C) फतेहपुर सीकरी में धार्मिक चर्चाओं का कक्ष।

अकबर का इबादतखाना फतेहपुर सीकरी में धार्मिक चर्चाओं और बहसों के लिए बनाया गया हॉल था।

  1. (A)

    परोपकारी संस्था

  2. (B)

    जुमे की नमाज़ के लिए मस्जिद

  3. (C)

    फतेहपुर सीकरी में धार्मिक चर्चाओं का कक्ष

  4. (D)

    धार्मिक शिक्षा का विद्यालय

व्याख्या

इबादतखाना का अर्थ पूजा का घर माना जाता है, लेकिन उसका प्रमुख काम धार्मिक बहस और विचार-विमर्श से जुड़ा था। World History Encyclopedia के अनुसार अकबर ने इसे 1575 में फतेहपुर सीकरी में धार्मिक चर्चाओं के लिए बनवाया। यह कोई सामान्य इबादत की जगह नहीं था, बल्कि धर्मशास्त्रियों और अलग-अलग मतों के विद्वानों के बीच बहस और विचार-विमर्श का स्थान था। शुरू में इसमें भागीदारी मुसलमान विद्वानों तक सीमित रही, फिर इसे अन्य धर्मों और पंथों के विद्वानों के लिए भी खोला गया। इसी कारण विकल्प C सही है: फतेहपुर सीकरी में धार्मिक चर्चा का हॉल।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) परोपकारी संस्था का उद्देश्य दान या लोक-सेवा होता है, जबकि इबादतखाना धार्मिक बहस और विचार-विमर्श के लिए बनाया गया था।
  • (B) शुक्रवार की नमाज़ की मस्जिद सामूहिक नमाज़ का स्थान होती है, लेकिन इबादतखाना नमाज़ के लिए मस्जिद नहीं, चर्चाओं का हॉल था।
  • (D) धार्मिक शिक्षा का विद्यालय नियमित पढ़ाई-प्रशिक्षण की संस्था होता, जबकि इबादतखाना विद्वानों की बहस और संवाद के लिए प्रयोग हुआ।

अवधारणा

मुगलकाल में अकबर की धार्मिक नीति और फतेहपुर सीकरी से जुड़े संस्थानों की समझ RAS के लिए महत्त्वपूर्ण है। ऐसे तथ्य शासक, स्थान और नीति को एक साथ जोड़ते हैं।

स्रोत

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