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RAS प्रश्न

9 वर्षों के संचालन के बाद, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) से 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋणों का समाधान होने के बाद अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का NPA अनुपात लगभग कितना था?

सही उत्तर: (D) 2.3%।

दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता के 9 वर्षों के संचालन के बाद अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का अनर्जक आस्ति अनुपात लगभग 2.3% रहा।

  1. (A)

    7.8%

  2. (B)

    5.2%

  3. (C)

    4.1%

  4. (D)

    2.3%

व्याख्या

अनुपात 2.3% रहा, क्योंकि दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता ने 2025 में 9 वर्ष पूरे किए और 26 लाख करोड़ रुपये से अधिक तनावग्रस्त ऋण के समाधान में भूमिका निभाई। इसी प्रक्रिया से अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का अनर्जक आस्ति अनुपात 10.9% के शिखर से घटकर 2.3% तक आया और 3,763 कंपनियां पुनर्जीवित हुईं। PIB की विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की सेहत सुधारने में इस संहिता की भूमिका रही और RBI की जून 2025 वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट के अनुसार सकल अनर्जक आस्तियां मार्च 2025 के अंत में 2.3% के बहु-दशकीय निचले स्तर पर पहुंचीं। इसलिए 7.8%, 5.2% या 4.1% नहीं, बल्कि 2.3% सही है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) 7.8% इसलिए गलत है, क्योंकि गिरावट के बाद अंतिम अनुपात 2.3% रहा, 7.8% नहीं।
  • (B) 5.2% सही नहीं है, क्योंकि संहिता के 9 वर्षों के बाद अनुमानित अनुपात 2.3% रहा।
  • (C) 4.1% गलत है, क्योंकि PIB में उद्धृत RBI रिपोर्ट मार्च 2025 के अंत में 2.3% के स्तर को दर्ज करती है।

अवधारणा

भारतीय अर्थव्यवस्था में बैंकिंग क्षेत्र, तनावग्रस्त ऋण और दिवाला समाधान ढांचे की समझ RAS के लिए महत्वपूर्ण है। बैंकिंग सुधारों को वित्तीय स्थिरता और ऋण-वसूली से जोड़कर बार-बार पूछा जाता है।

स्रोत

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