RAS प्रश्न
आचार्य भिक्षु ने राजस्थान में जैन धर्म के किस सुधारवादी संप्रदाय की स्थापना की?
सही उत्तर: (C) तेरापंथी।
आचार्य भिक्षु ने राजस्थान में जैन धर्म के तेरापंथी संप्रदाय की स्थापना की।
व्याख्या
आचार्य भिक्षु (1726-1803) ने 1760 ई. में केलवा, राजसमंद में तेरापंथी संप्रदाय की स्थापना की। वे स्थानकवासी संप्रदाय से अलग हुए और कठोर अहिंसा तथा आत्म-अनुशासन पर बल दिया। Britannica के अनुसार 18वीं सदी के अंत में स्थानकवासी परंपरा में विभाजन हुआ और आचार्य भिक्षु ने तेरापंथी संप्रदाय बनाया। Britannica तेरापंथी को “13 सिद्धांतों का अनुसरण” करने वाला संप्रदाय मानता है, जिसकी व्यवस्था एक शिक्षक की सत्ता पर आधारित रही। इसलिए सुधारवादी जैन संप्रदाय तेरापंथी है, जैन धर्म की व्यापक मूल शाखाएं नहीं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) स्थानकवासी वह संप्रदाय था जिससे आचार्य भिक्षु अलग हुए; उन्होंने नया तेरापंथी संप्रदाय स्थापित किया।
- (B) दिगम्बर जैन धर्म की प्रमुख शाखा है, इसलिए इसे आचार्य भिक्षु द्वारा राजस्थान में स्थापित सुधारवादी संप्रदाय नहीं माना जाता।
- (D) श्वेतांबर भी जैन धर्म की प्रमुख शाखा है; आचार्य भिक्षु से जुड़ा नया संप्रदाय श्वेतांबर नहीं, तेरापंथी था।
अवधारणा
राजस्थान के धार्मिक-सामाजिक सुधार आंदोलनों में जैन संप्रदायों की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में स्थानीय स्थल, संप्रदाय-परंपरा और सुधारवादी नेतृत्व को एक साथ जोड़कर परखा जाता है।
