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Aspirant Academy

RAS प्रश्न

आचार्य भिक्षु ने राजस्थान में जैन धर्म के किस सुधारवादी संप्रदाय की स्थापना की?

सही उत्तर: (C) तेरापंथी।

स्थानकवासी परंपरा से अलग होने के बाद आचार्य भिक्षु ने राजस्थान में जैन धर्म के तेरापंथी संप्रदाय की स्थापना की।

  1. (A)

    स्थानकवासी

  2. (B)

    दिगम्बर

  3. (C)

    तेरापंथी

  4. (D)

    श्वेतांबर

व्याख्या

आचार्य भिक्षु (1726-1803) ने 1760 ई. में आज के राजसमंद के केलवा में तेरापंथी संप्रदाय की स्थापना की। तेरापंथ जैन धर्म की पुरानी व्यापक शाखाओं में से नहीं था; यह स्थानकवासी परंपरा के विभाजन से निकला। एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका आचार्य भिक्षु को इसका संस्थापक बताता है। इसके अनुसार, संप्रदाय ने एक ही आचार्य का नेतृत्व स्वीकार किया, ताकि अनुशासन में ढिलाई न आए। आचार्य भिक्षु के सुधार में अहिंसा के कठोर पालन और आत्म-अनुशासन पर बल था। ‘तेरा पंथ’ नाम में ‘तेरा’ से आशय ईश्वर से है; इसलिए इसका अर्थ ‘ईश्वर का पंथ’ बताया जाता है। इस प्रकार, विकल्पों में केवल तेरापंथी ही आचार्य भिक्षु द्वारा स्थापित सुधारवादी संप्रदाय है।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) स्थानकवासी वही परंपरा है जिससे आचार्य भिक्षु अलग हुए थे; इसलिए यह उनके द्वारा स्थापित सुधारवादी संप्रदाय नहीं हो सकता।
  • (B) दिगंबर जैन धर्म की काफी पुरानी प्रमुख शाखा है; यह आचार्य भिक्षु द्वारा राजस्थान में स्थापित सुधारवादी संप्रदाय नहीं है।
  • (D) श्वेतांबर भी जैन धर्म की प्रमुख शाखा है, जबकि आचार्य भिक्षु द्वारा स्थापित सुधारवादी संप्रदाय तेरापंथी था।

अवधारणा

यह प्रश्न राजस्थान की जैन सुधार परंपरा को संप्रदाय की स्थापना और केलवा जैसे स्थानीय केंद्र से जोड़ता है। RAS में संस्कृति से जुड़े सवाल अक्सर व्यापक धर्मशास्त्र के बजाय संस्थापकों, संप्रदायों और सुधार आंदोलनों पर केंद्रित होते हैं।

स्रोत

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