RAS प्रश्न
NITI आयोग के अनुसार, कवरेज के बावजूद कितने प्रतिशत PM-JAY लाभार्थियों को अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है?
सही उत्तर: (A) 65%।
NITI Aayog के लिए कराए गए मूल्यांकन अध्ययन के अनुसार, कवरेज के बावजूद PM-JAY लाभार्थियों में 65% को अस्पताल में भर्ती होने पर अपनी जेब से खर्च करना पड़ा।
व्याख्या
NITI Aayog के लिए कराए गए मूल्यांकन अध्ययन में PM-JAY के तहत अस्पताल में भर्ती लाभार्थियों के खर्च को देखा गया। अध्ययन के अनुसार, PM-JAY से कवर लोगों में केवल 35% को ऐसा इलाज मिला जिसमें अस्पताल में भर्ती के दौरान कोई जेब से खर्च नहीं हुआ। बाकी 65% लाभार्थियों को दवा, जांच और मरीज के आने-जाने जैसे मदों पर पैसा देना पड़ा। इसलिए सवाल में पूछा गया प्रतिशत 65% है। यहां मुख्य बात यह है कि योजना का कवरेज होने के बावजूद हर इलाज पूरी तरह बिना खर्च नहीं हुआ; अध्ययन ने साफ अंतर बताया कि 35% को पूरा खर्च-मुक्त इलाज मिला, जबकि 65% पर कुछ न कुछ जेब से खर्च आया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) 50% गलत है, क्योंकि अध्ययन ने आधे लाभार्थियों की बात नहीं कही; उसमें 65% पर जेब से खर्च और 35% पर कोई खर्च नहीं बताया गया।
- (C) 35% उस समूह का आंकड़ा है जिसे अस्पताल में भर्ती होने पर कोई जेब से खर्च नहीं करना पड़ा, यह खर्च उठाने वाले लाभार्थियों का प्रतिशत नहीं है।
- (D) 80% अध्ययन में दिया गया आंकड़ा नहीं है; यह 65% वाले वास्तविक निष्कर्ष से अधिक बताता है।
अवधारणा
यह प्रश्न स्वास्थ्य वित्तपोषण और सरकारी बीमा योजनाओं की वास्तविक पहुंच को परखता है। RAS में ऐसी योजनाएं इसलिए बार-बार पूछी जाती हैं क्योंकि घोषणा और जमीन पर लाभार्थी खर्च के बीच फर्क नीति-विश्लेषण का अहम हिस्सा है।
