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RAS प्रश्न

धन विधेयक प्रस्तुत किया जा सकता है:

सही उत्तर: (A) केवल लोकसभा में।

धन विधेयक केवल लोकसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है, राज्यसभा में नहीं।

  1. (A)

    केवल लोकसभा में

  2. (B)

    संसद के किसी भी सदन में

  3. (C)

    केवल राज्यसभा में

  4. (D)

    दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में

व्याख्या

धन विधेयक के लिए सामान्य विधेयकों जैसी दोनों सदनों में आरंभ होने की छूट नहीं है। भारत के संविधान में धन विधेयकों की विशेष प्रक्रिया अलग रखी गई है। अनुच्छेद 109 साफ करता है कि धन विधेयक राज्यसभा में प्रस्तुत नहीं किया जाएगा। इसका व्यावहारिक अर्थ है कि धन विधेयक की शुरुआत लोकसभा में ही होगी। राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश भी जरूरी है, इसलिए सरकार सीधे किसी भी सदन में इसे नहीं रख सकती। लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा की भूमिका सीमित रहती है: वह 14 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें लौटा सकती है। लोकसभा उन सिफारिशों को मान भी सकती है और ठुकरा भी सकती है। इसलिए सही विकल्प केवल लोकसभा है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत करने का विकल्प सामान्य विधेयकों के लिए लागू हो सकता है, लेकिन धन विधेयक राज्यसभा में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
  • (C) राज्यसभा धन विधेयक की शुरुआत नहीं कर सकती; वह लोकसभा से पारित विधेयक पर केवल सिफारिशें भेज सकती है।
  • (D) संयुक्त बैठक विधेयक प्रस्तुत करने की जगह नहीं है, और धन विधेयक के लिए राज्यसभा की भूमिका भी केवल 14 दिनों की सिफारिश तक सीमित है।

अवधारणा

यह प्रश्न संसद की वित्तीय विधायी प्रक्रिया, खासकर धन विधेयक में लोकसभा की प्रधानता, को जांचता है। आरएएस में यह बात बार-बार आती है क्योंकि इससे लोकसभा, राज्यसभा और राष्ट्रपति की संवैधानिक भूमिकाओं का फर्क साफ होता है।

स्रोत

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