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वरिष्ठ अध्यापक भाग 3: विषय-शिक्षण की विधियाँ MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए वरिष्ठ अध्यापक भाग 3: विषय-शिक्षण की विधियाँ के 234 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1एक गणित शिक्षक अनुपात और समानुपात को मानचित्रों, मापानुसार चित्रों और दैनिक जीवन की तुलनाओं से जोड़ता है। यहाँ कौन-सा शैक्षिक गुण दिखता है?

A अवधारणात्मक समझ की उपेक्षा
B गणितीय विचारों को वास्तविक संदर्भों से जोड़ने की क्षमता
C सूत्रों को रटाने को प्राथमिकता देना
D गणित में अनुप्रयोगों से बचना
व्याख्या

गणित शिक्षण की शैक्षिक गुणवत्ता में अवधारणाओं और उनके अनुप्रयोगों के बीच संबंध देखना शामिल है। जब शिक्षक अनुपात और समानुपात को मापानुसार चित्रों और तुलनाओं से जोड़ता है, तो विद्यार्थी अवधारणा को उपयोगी गणितीय संरचना के रूप में समझते हैं।

प्र.2एक गणित शिक्षक ने द्विघात समीकरणों की इकाई पूरी कर ली है। अब वह प्रगति श्रेणी शुरू करने से पहले यह जानना चाहता है कि विद्यार्थी गुणनखंड करना, सूत्र का प्रयोग करना और मूलों का अर्थ समझना जानते हैं या नहीं। इसके लिए सबसे उपयुक्त आकलन कौन-सा होगा?

A गणित के प्रति विद्यार्थियों का दृष्टिकोण जानने के लिए व्यक्तित्व सूची
B केवल वार्षिक परीक्षा में असफल विद्यार्थियों को लेकर नैदानिक परीक्षा
C द्विघात समीकरण इकाई के उद्देश्यों और विषय-वस्तु पर आधारित इकाई परीक्षा
D पूरे वर्ष के गणित पाठ्यक्रम को शामिल करने वाली उपलब्धि परीक्षा
व्याख्या

इकाई परीक्षा किसी निश्चित शिक्षण इकाई के लिए बनाई जाती है और सामान्यतः उस इकाई को पढ़ाने के तुरंत बाद ली जाती है। यहाँ शिक्षक को अगली इकाई पर जाने से पहले द्विघात समीकरणों के खास उद्देश्यों पर विद्यार्थियों की सीख का प्रमाण चाहिए। इसलिए इकाई परीक्षा सबसे उपयुक्त है। व्यापक उपलब्धि परीक्षा या दृष्टिकोण सूची इस तत्काल शिक्षण-संबंधी प्रश्न का उत्तर नहीं देगी।

प्र.3कौन-सा मूल्यांकन-प्रश्न यह सबसे अच्छा जांचता है कि भावी गणित शिक्षक भास्कराचार्य के योगदान को पाठ्यचर्या से जुड़े ढंग से समझता है या नहीं?

A भास्कराचार्य का जन्मस्थान बताइए और उनके अनुवादकों के नाम लिखिए।
B समझाइए कि लीलावती को सभी आधुनिक अंकगणित पुस्तकों की जगह क्यों लेनी चाहिए।
C बीजगणित और अंकगणित से बचते हुए केवल खगोलशास्त्र पर टिप्पणी लिखिए।
D सिद्धांत शिरोमणि के खंड पहचानिए और समझाइए कि लीलावती तथा बीजगणित को अंकगणित और बीजगणित के शिक्षण से कैसे जोड़ा जा सकता है।
व्याख्या

NIOS सिद्धांत शिरोमणि को लीलावती, बीजगणित, गोलाध्याय और ग्रहगणित में विभाजित बताता है; लीलावती को अंकगणित और बीजगणित-खंड को बीजगणित से जोड़ा जाता है। अर्थपूर्ण शिक्षण-पद्धति मूल्यांकन में अभ्यर्थी से इन खंडों को कक्षा के गणितीय विचारों से जोड़ने को कहना चाहिए, केवल निजी तथ्य याद करवाना पर्याप्त नहीं है।

प्र.4कक्षा 9 की ज्यामिति के लिए गणित शिक्षक यह उद्देश्य लिखता है: विद्यार्थी पहले से सिद्ध प्रतिज्ञप्तियों का उपयोग करते हुए सिद्ध कर सकेगा कि त्रिभुज की बराबर भुजाओं के सामने के कोण बराबर होते हैं, और हर चरण का औचित्य बताएगा। इसका सबसे उचित वर्गीकरण क्या होगा?

A मूल्यांकन स्तर का विशिष्ट संज्ञानात्मक उद्देश्य, क्योंकि विद्यार्थी को स्वीकृत कारणों के आधार पर प्रमाण-श्रृंखला का औचित्य बताना है।
B स्मरण स्तर का सामान्य संज्ञानात्मक उद्देश्य, क्योंकि प्रमेय का कथन याद किया जाता है।
C सामान्य भावात्मक उद्देश्य, क्योंकि विद्यार्थी में ज्यामिति के प्रति सराहना विकसित होती है।
D विशिष्ट मनोगत्यात्मक उद्देश्य, क्योंकि विद्यार्थी प्रतीकों को सही ढंग से लिखता है।
व्याख्या

विशिष्ट उद्देश्य में विद्यार्थी, विषय-वस्तु और देखा जा सकने वाला व्यवहार साफ़ होता है। यहां विद्यार्थी को एक निश्चित परिणाम सिद्ध करना है और हर चरण को पहले की प्रतिज्ञप्तियों से सही ठहराना है। इसलिए यह ब्लूम के उच्च संज्ञानात्मक काम, खासकर प्रमाण की पर्याप्तता का मूल्यांकन, से जुड़ता है; यह सराहना जैसे व्यापक लक्ष्य या कम स्तर के स्मरण लक्ष्य जैसा नहीं है।

प्र.5सांख्यिकी पढ़ाते समय शिक्षक विद्यार्थियों से स्थानीय वर्षा के आंकड़े इकट्ठे करवाता है, औसत वर्षा निकलवाता है और सामाजिक विज्ञान में फसल-चयन से उसका संबंध चर्चा में लाता है। कौन-सा पाठ्यचर्या-सिद्धांत सबसे अच्छी तरह दिखता है?

A गणितीय गणना की जगह पर्यावरण संबंधी चर्चा कर देना
B अंतरविषयी संबंध, जो गणितीय ज्ञान को विद्यालय के बाहर के जीवन से जोड़ता है
C गणित और संबंधित विषयों के ज़रिए विद्यालयी ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ना
D भ्रम से बचने के लिए गणित को पाठ्यपुस्तक के उदाहरणों तक सीमित रखना चाहिए
व्याख्या

वर्षा वाला कार्य कक्षा के गणित को स्थानीय अनुभव से जोड़ता है। विद्यार्थी आंकड़े जुटाते हैं, केंद्रीय प्रवृत्ति का माप निकालते हैं और उसे कृषि तथा सामाजिक विज्ञान के संदर्भ में समझते हैं। ऐसे कार्य गणित को उपयोगी, अंतरविषयी और विद्यालय के बाहर के जीवन से जुड़ा बनाते हैं।

आपने 234 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6NCF के अनुरूप गणित-कक्षा में एक विद्यार्थी गलत उत्तर देता है, लेकिन उसकी विधि एक गलत मान्यता पर आधारित होते हुए भी अंदर से संगत है। शिक्षक की सबसे उपयुक्त प्रतिक्रिया क्या होनी चाहिए?

Aप्रश्न बदलकर सरल अभ्यास-प्रश्न दे देना, जब तक सभी विद्यार्थियों का एक जैसा उत्तर न आ जाए
Bतर्क को अनदेखा कर केवल अंतिम उत्तर को गलत चिह्नित करना
Cविद्यार्थी से कहना कि सही सूत्र याद करे और वैकल्पिक विधियों से बचे
Dमान्यता पर चर्चा करना, उसे प्रश्न की शर्तों से जांचना और पूरी कक्षा को तर्क संशोधित करने की दिशा देना

7क्षेत्रमिति के पाठ में कौन-सी गतिविधि अनुभवात्मक अधिगम को सबसे स्पष्ट रूप से दिखाती है?

Aविद्यार्थी वर्ग, आयत और त्रिभुज की परिभाषाएँ एक साथ बोलकर दोहराते हैं।
Bशिक्षक क्षेत्रफल के सूत्रों की व्युत्पत्ति समझाता है, पर विद्यार्थियों को कोई कार्य नहीं देता।
Cविद्यार्थी चार्ट से परिमाप और क्षेत्रफल के सूत्र उतारते हैं।
Dविद्यार्थी कक्षा के फर्श को नापते हैं, टाइलों की आवश्यकता का अनुमान लगाते हैं, अनुमान की वास्तविक माप से तुलना करते हैं और त्रुटियों पर चर्चा करते हैं।

8एक गणित शिक्षक अगला पाठ पढ़ाने से पहले बीजगणित में विद्यार्थियों की गलतियों का नियमित विश्लेषण करता है। यह मुख्य रूप से किस पेशेवर गुण को दिखाता है?

Aपाठ्यक्रम को यांत्रिक ढंग से पूरा करना
Bशिक्षण सुधारने के लिए आत्मचिंतनशील अभ्यास
Cशुद्धता के लिए दंड पर निर्भरता
Dगणित में मूल्यांकन को अस्वीकार करना

9पैटर्न और अनुमान पर केंद्रित वरिष्ठ-स्कूल गणित कक्षा में रामानुजन के कार्य का कौन-सा उपयोग सबसे उपयुक्त है?

Aविद्यार्थियों से रामानुजन की जीवनी याद करवाना, बिना किसी गणितीय कार्य के।
Bरामानुजन से प्रेरित कोई सरल संख्या-पैटर्न प्रस्तुत करना, विद्यार्थियों से अनुमान बनवाना और फिर आगे के उदाहरणों से उन्हें जांचना।
Cउनके नाम का उपयोग केवल तेज गणना अभ्यासों के पुरस्कार-लेबल के रूप में करना।
Dविद्यार्थियों से कहना कि रामानुजन के परिणामों पर चर्चा तब तक नहीं हो सकती जब तक वे पहले शोध-डिग्री पूरी न कर लें।

10विधि और कक्षा में विचार की दिशा का कौन-सा युग्म सही मिलान है?

Aआगमन विधि: सामान्य नियम से विशेष उदाहरणों की ओर
Bनिगमन विधि: विशेष उदाहरणों से सामान्य नियम की ओर
Cविश्लेषणात्मक विधि: ज्ञात तथ्यों को सीधे जोड़कर परिणाम तक पहुँचना
Dसंश्लेषणात्मक विधि: ज्ञात तथ्यों को चरण-दर-चरण व्यवस्थित कर अज्ञात परिणाम तक पहुँचना

11गणित की एक शिक्षिका कक्षा 9 के विद्यार्थियों से गुणनखंडन का स्वतंत्र अभ्यास कराना चाहती हैं। साथ ही वे उसी अवधि में उनकी गलतियाँ पहचानना चाहती हैं और केवल अटकने पर मार्गदर्शन देना चाहती हैं। इनमें से कौन-सी व्यवस्था पर्यवेक्षित अध्ययन को सबसे ठीक दिखाती है?

Aअभ्यास पढ़ाने से पहले गुणनखंडन सर्वसमिकाओं पर अचानक मौखिक परीक्षा ले लें।
Bक्रमबद्ध कठिनाई वाले गुणनखंडन अभ्यास दें, विद्यार्थियों को अलग-अलग काम करने दें, उनकी विधियाँ देखें और समय पर संकेत या सुधार दें।
Cअभ्यास घर के लिए दे दें और अगली कक्षा में केवल अंतिम उत्तर जाँचें।
Dगुणनखंडन के सभी चरण बोर्ड पर लिखवाएँ और विद्यार्थियों से हल किए हुए उदाहरण हूबहू नकल करने को कहें।

12एक शिक्षक का दावा है कि सांख्यिकी के पाठ के लिए “विद्यार्थियों में गणितीय दृष्टिकोण विकसित होगा” लिख देना विशिष्ट उद्देश्य के रूप में पर्याप्त है। विशिष्ट और देखने योग्य उद्देश्य की शर्त सबसे अच्छी तरह कौन-सा संशोधन पूरी करता है?

Aअपवाद मानों वाले दो आँकड़ा-समुच्चय दिए जाने पर विद्यार्थी तय करेंगे कि प्रतिनिधि मान के रूप में माध्य या माध्यिका में से कौन अधिक उपयुक्त है और निर्णय का औचित्य बताएँगे।
Bशिक्षक समाज में सांख्यिकी के उपयोगों पर जीवंत चर्चा कराएगा।
Cविद्यार्थी गणित को उपयोगी विषय मानकर उसका सम्मान विकसित करेंगे।
Dविद्यार्थी माध्य, माध्यिका और बहुलक को बहुत स्पष्ट रूप से समझेंगे।

13गणित शिक्षण में आगमनात्मक विधि की सीमा को सबसे ठीक कौन-सा कथन बताता है?

Aइसका उपयोग केवल परिभाषाएं पढ़ाने में हो सकता है, सूत्रों में नहीं।
Bउदाहरणों से निकाले गए सामान्यीकरण को प्रमेय मानने से पहले भी तार्किक प्रमाण चाहिए।
Cयह सीधे समझाने से हमेशा तेज होता है।
Dयह विद्यार्थियों को कभी भी पैटर्न देखने नहीं देता।

14शिक्षक व्यवस्थित सूचीकरण का परिचय कराने के लिए पिंगल के दीर्घ और ह्रस्व वर्ण-क्रमों की छंद-आधारित गणना का उपयोग करता है। आधुनिक कक्षा में कौन-सा विषय इस उदाहरण से सबसे सीधे जुड़ता है?

Aक्रमबद्ध प्रतिरूपों के माध्यम से संचय-विन्यास, द्विआधारी निरूपण और कलनविधिक सोच
Bशांकव खंडों की निर्देशांक ज्यामिति
Cसंयुक्त कोणों के त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ
Dबड़े सर्वेक्षणों में बेतरतीब नमूना-चयन की त्रुटि

15एक शिक्षक औपचारिक निर्देशांक ज्यामिति से पहले बिंदुपथ की धारणा परिचित कराने के लिए श्रव्य-दृश्य साधन की योजना बना रहा है। गणित-शिक्षण में अपेक्षित ठोस से निरूपण और फिर प्रतीकात्मक चरण की गति को कौन-सी योजना सबसे अच्छी तरह निभाती है?

Aशिक्षक पहले वृत्त का मानक समीकरण लिखे और बाद में दैनिक जीवन की वृत्ताकार वस्तुओं की छोटी क्लिप दिखाए
Bशिक्षक किसी भी निरूपण से पहले विद्यार्थियों से वृत्त, परवलय और दीर्घवृत्त की परिभाषाएँ याद करवाए
Cविद्यार्थी असंबंधित ज्यामितीय ऐनिमेशन देखें और कक्षा के प्रदर्शन-पट के लिए सबसे आकर्षक ऐनिमेशन चुनें
Dविद्यार्थी पहले किसी नियम से बँधे गतिमान बिंदु को देखें, ग्रिड पेपर पर उसका पथ बनाएँ, नियम को शब्दों में बताएँ और फिर उसे बीजगणितीय रूप में व्यक्त करें

गणित — भाग III (शिक्षण विधियाँ) में और विषय

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