Aspirant Academy

MCQ

भारत के खनिज एवं ऊर्जा संसाधन MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए भारत के खनिज एवं ऊर्जा संसाधन के 19 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1कौन-सा मानचित्र नियम बताता है कि धात्विक खनिज उत्तरी मैदान की बजाय प्रायद्वीपीय पठार में अधिक क्यों मिलते हैं?

A उत्तरी मैदान मुख्य रूप से जलोढ़ कृषि क्षेत्र है, प्रमुख धात्विक-खनिज क्षेत्र नहीं।
B उत्तरी मैदान में भारत की सबसे पुरानी खुली क्रिस्टलीय और कायांतरित चट्टानें हैं।
C धात्विक खनिज मुख्य रूप से नई जलोढ़ परतों के साथ मिलते हैं, क्योंकि जलोढ़ में लौह अयस्क केंद्रित होता है।
D पेट्रोलियम बेसिन और धात्विक-खनिज पट्टियां एक ही कठोर चट्टानी मानचित्र पैटर्न का अनुसरण करती हैं।
व्याख्या

भारत में धात्विक खनिजों का वितरण भू-रचना से जुड़ा है। प्रायद्वीपीय पठार की पुरानी कठोर चट्टानों में क्रिस्टलीय और कायांतरित चट्टानें लंबे समय तक खुली, मुड़ी, टूटी और अपक्षयित हुई हैं। इसलिए छोटानागपुर, ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और राजस्थान के हिस्से बार-बार खनिज प्रश्नों में आते हैं। इसके उलट उत्तरी मैदान जलोढ़ के कारण उपजाऊ कृषि क्षेत्र है। इसलिए सही नियम यही है कि जलोढ़ मैदान प्रमुख धात्विक-खनिज आधार नहीं हैं।

प्र.2भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: सौर ऊर्जा धूप, भूमि, पारेषण लाइनों और भंडारण पर निर्भर करती है। कथन 2: नवीकरणीय ऊर्जा को भूमि उपयोग, ग्रिड या भंडारण चिंता से मुक्त स्रोत बताया जाता है। कौन-सा कथन सही है?

A कथन 1 और कथन 2 दोनों
B केवल कथन 2
C केवल कथन 1
D न तो कथन 1 और न ही कथन 2
व्याख्या

नवीकरणीय ऊर्जा को कोई सरल और समस्या-मुक्त लक्ष्य नहीं माना जाता। सौर ऊर्जा धूप, खुली भूमि, पारेषण लाइनों और भंडारण से जुड़ी है। राजस्थान, गुजरात और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ भाग इसलिए महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि शुष्क जलवायु, खुली भूमि और अधिक सौर विकिरण बड़े प्रकल्पों को सहारा देते हैं। साथ ही ग्रिड संपर्क, मरुस्थलीय पारिस्थितिकी, भूमि उपयोग, धूल, सफाई के पानी, स्थानीय चराई और आजीविका की चिंताएँ भी बताया जाता है। इसलिए सौर ऊर्जा व्यावहारिक शर्तों पर निर्भर है, जबकि चिंता-मुक्त होने का दावा गलत है।

प्र.3सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए। सूची 1: 1. कोकिंग कोयला 2. तापीय कोयला 3. लिग्नाइट सूची 2: क. चुनी हुई घाटियों में क्षेत्रीय तापीय ऊर्जा ख. लौह और इस्पात उत्पादन ग. बिजली उत्पादन सही कूट चुनिए।

A 1-क, 2-ख, 3-ग
B 1-ख, 2-क, 3-ग
C 1-ग, 2-ख, 3-क
D 1-ख, 2-ग, 3-क
व्याख्या

कोयला संसाधनों का कार्यात्मक विभाजन सीधा दिया गया है। कोकिंग कोयला लौह और इस्पात उत्पादन से जुड़ता है, इसलिए झरिया इस्पात उद्योग के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। तापीय कोयला कोयला-आधारित बिजली उत्पादन में काम आता है। लिग्नाइट कम श्रेणी का भूरा कोयला है और नेवेली तथा पश्चिमी राजस्थान जैसे चुने हुए क्षेत्रों की क्षेत्रीय तापीय ऊर्जा से जुड़ता है। इसलिए सही क्रम कोकिंग कोयला-इस्पात, तापीय कोयला-बिजली और लिग्नाइट-क्षेत्रीय तापीय ऊर्जा है।

प्र.4भारत में धात्विक खनिजों का मुख्य आधार कौन-सा क्षेत्र है?

A युवा जलोढ़ उत्तरी मैदान
B केवल तटीय प्लेसर क्षेत्र
C प्रायद्वीपीय पठार के पुराने कठोर चट्टानी क्षेत्र
D केवल राजस्थान के मरुस्थलीय अवसादी बेसिन
व्याख्या

साफ मानचित्र-नियम है कि अधिकांश धात्विक खनिज प्रायद्वीपीय पठार की पुरानी कठोर चट्टानों में मिलते हैं। इन क्रिस्टलीय और रूपांतरित चट्टानों पर लंबे समय तक अनावरण, मोड़, दरार और अपक्षय का प्रभाव पड़ा है। इसलिए छोटानागपुर, ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, पूर्वी महाराष्ट्र और राजस्थान के कुछ भाग बार-बार खनिज प्रश्नों में आते हैं। उत्तरी मैदान मुख्यतः जलोढ़ और कृषि क्षेत्र है, जबकि तटीय प्लेसर और मरुस्थलीय अवसादी बेसिन अलग संसाधन समझाते हैं।

प्र.5अभिकथन: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को अवसादी बेसिनों के आधार पर पढ़ा जाता है। कारण: ऐसे बेसिनों में स्रोत चट्टान, भंडार चट्टान और भूवैज्ञानिक जाल हाइड्रोकार्बन बनने और जमा होने देते हैं। सही उत्तर चुनिए।

A अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
B अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
C अभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
D अभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
व्याख्या

मुख्य फर्क यह है कि पेट्रोलियम को लौह अयस्क या बॉक्साइट जैसी कठोर चट्टानी खनिज पट्टियों से नहीं, बल्कि अवसादी बेसिनों से पढ़ा जाता है। इसका कारण भी यही है। हाइड्रोकार्बन बनने और जमा होने के लिए स्रोत चट्टान, भंडार चट्टान और भूवैज्ञानिक जाल चाहिए। असम, मुंबई हाई, कैंबे, कृष्णा-गोदावरी, कावेरी और बाड़मेर-सांचौर इसी बेसिन-आधारित मानचित्र के उदाहरण हैं। इसलिए अभिकथन सही है, कारण सही है और कारण अभिकथन को समझाता है।

आपने 19 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

भारत के खनिज एवं ऊर्जा संसाधन पर अनलिमिटेड अभ्यास RAS टेस्ट सीरीज़ + प्रैक्टिस पैक या गेट पास में मिलता है।

और प्रश्न

6निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: बॉक्साइट एल्युमिनियम का अयस्क है और पठारी सतहों पर लेटराइट अपक्षय से जुड़ा है। कथन 2: मैंगनीज इस्पात मिश्रधातु में काम आता है और ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा कर्नाटक जैसे राज्यों से जुड़ा है। कथन 3: तांबा केवल उर्वरक कच्चे माल के रूप में काम आता है और उसका विद्युत या इंजीनियरिंग उपयोग से कोई संबंध नहीं है। कौन-से कथन सही हैं?

Aकेवल 1 और 2
Bकेवल 1 और 3
Cकेवल 2 और 3
D1, 2 और 3

7उपयोग या स्थान-संकेत से खनिज अथवा ऊर्जा संसाधन का मिलान कीजिए। सूची 1: 1. बॉक्साइट 2. झरिया कोयला 3. रॉक फॉस्फेट 4. लिग्नाइट सूची 2: क. झामरकोटड़ा से जुड़ा फॉस्फेट उर्वरक कच्चा माल ख. नेवेली और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों से जुड़ा कम श्रेणी का भूरा कोयला ग. एल्युमिनियम का अयस्क घ. इस्पात के लिए कोकिंग कोयले का संबंध

A1-क, 2-ग, 3-घ, 4-ख
B1-ग, 2-घ, 3-क, 4-ख
C1-ग, 2-ख, 3-क, 4-घ
D1-घ, 2-ग, 3-क, 4-ख

8नवीकरणीय ऊर्जा और महत्त्वपूर्ण खनिजों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?

Aसौर ऊर्जा सौर विकिरण, भूमि उपलब्धता, पारेषण और भंडारण पर निर्भर करती है।
Bसौर और पवन ऊर्जा को मुफ्त बिजली माना जा सकता है, क्योंकि उन्हें ग्रिड संतुलन, भंडारण या पारेषण योजना की जरूरत नहीं होती।
Cलिथियम, कोबाल्ट, निकेल, ग्रेफाइट और दुर्लभ मृदा बैटरी, विद्युत वाहन, पवन टर्बाइन, सौर उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों से जुड़े हैं।
Dराजस्थान की शुष्क जलवायु, खुली भूमि और अधिक धूप बड़ी सौर क्षमता को सहारा देती है, पर भूमि उपयोग और पारेषण भी महत्वपूर्ण हैं।

9मलाजखंड किस खनिज के उत्पादन से जुड़ा है?

Aलिग्नाइट
Bतांबा
Cलौह अयस्क
Dहीरा

10अभिकथन: खनिज संरक्षण का अर्थ सभी खनन को रोक देना नहीं है। कारण: संरक्षण को वैज्ञानिक अन्वेषण, चयनात्मक खनन, लाभकारीकरण, पुनर्चक्रण, प्रतिस्थापन और खनन-क्षेत्र की बहाली से जोड़ा जाता है। सही उत्तर चुनिए।

Aअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, पर कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
Bअभिकथन सही है, पर कारण गलत है।
Cअभिकथन गलत है, पर कारण सही है।
Dअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की व्याख्या करता है।

11सूची I के संसाधन को सूची II के सबसे सीधे औद्योगिक उपयोग से मिलाइए। सूची I: 1. लौह अयस्क 2. बॉक्साइट 3. मैंगनीज 4. तांबा सूची II: a. एल्युमिनियम b. विद्युत और इंजीनियरिंग उपयोग c. इस्पात d. मिश्रधातु इस्पात

A1-a, 2-c, 3-d, 4-b
B1-c, 2-a, 3-d, 4-b
C1-c, 2-d, 3-a, 4-b
D1-d, 2-a, 3-c, 4-b

12कथन (A): नवीकरणीय ऊर्जा को केवल लक्ष्य की तरह नहीं, बल्कि पूरी प्रणाली की तरह पढ़ना चाहिए। कारण (R): सौर और पवन ऊर्जा को भूमि, ग्रिड संपर्क, भंडारण और मांग प्रबंधन की जरूरत होती है, क्योंकि उनका उत्पादन स्थान, दिन और मौसम पर निर्भर करता है।

AA सही है, लेकिन R गलत है।
BA और R दोनों सही हैं, लेकिन R, A की व्याख्या नहीं करता।
CA गलत है, लेकिन R सही है।
DA और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।

13भारत के खनिज भूगोल में छोटानागपुर-ओडिशा पट्टी बार-बार क्यों आती है?

Aयह युवा जलोढ़ मैदान है, जहाँ धात्विक खनिज सामान्यतः सतह पर मिलते हैं।
Bकोयला, लौह अयस्क, अभ्रक, बॉक्साइट और मैंगनीज बिजली, रेल और उद्योग के व्यावहारिक निकट क्षेत्र में मिलते हैं।
Cयह अरब सागर में भारत का मुख्य अपतटीय पेट्रोलियम क्षेत्र है।
Dयह मुख्यतः तटीय प्रक्रियाओं से बनी मोनाजाइट वाली समुद्री रेत के लिए प्रसिद्ध है।

14खनिज को उसके मुख्य औद्योगिक उपयोग से मिलाइए। सूची 1: 1. बॉक्साइट 2. मैंगनीज 3. तांबा सूची 2: क. विद्युत और इंजीनियरिंग उपयोग ख. एल्युमिनियम ग. मिश्रधातु इस्पात

A1-क, 2-ख, 3-ग
B1-ख, 2-ग, 3-क
C1-ग, 2-क, 3-ख
D1-ख, 2-क, 3-ग

15भारत में धात्विक खनिज बार-बार छोटानागपुर-ओडिशा, कर्नाटक-गोवा और राजस्थान-गुजरात पट्टियों से क्यों जोड़े जाते हैं? सबसे सही भूगर्भीय नियम चुनिए।

Aप्रायद्वीपीय शील्ड की पुरानी कठोर शैल पट्टियां कई धात्विक खनिजों की प्रमुख धारक होती हैं।
Bनए जलोढ़ मैदान सामान्यतः मुख्य धात्विक खनिज पट्टियों को उजागर करते हैं।
Cपेट्रोलियम जैसे अवसादी बेसिन ही अधिकतर लौह अयस्क, बॉक्साइट और तांबे के स्थान समझाते हैं।
Dतटीय प्लेसर छंटाई लौह अयस्क, मैंगनीज और बॉक्साइट का सामान्य नियम है।

भारत का भूगोल में और विषय

अन्य विषय देखें