MCQ
जलवायु एवं भारतीय मानसून तंत्र MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए जलवायु एवं भारतीय मानसून तंत्र के 23 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1CET स्तर की भूगोल समझ के अनुसार केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन को कैसे समझना चाहिए?
केरल आगमन केवल कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि मौसम-विज्ञान संबंधी घटना है। 1 जून के आसपास सामान्य समय माना जाता है और इससे भारत की मुख्य वर्षा ऋतु का संचालनात्मक आरंभ समझा जाता है। लेकिन भारत मौसम विज्ञान विभाग चयनित केरल और आसपास के स्टेशनों की वर्षा, पवन क्षेत्र और समुद्री-वायुमंडलीय संकेत साथ में देखता है। जुलाई का मध्य देश में आगे फैलाव से जुड़ा है, और चक्रवात चेतावनी अलग काम है।
प्र.2भारत की जलवायु में पश्चिमी विक्षोभ के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
पश्चिमी विक्षोभ को पश्चिमी पवनों में स्थित बाह्य-उष्णकटिबंधीय मौसम तंत्र बताया गया है, जो भूमध्यसागरीय-पश्चिम एशियाई क्षेत्र से उत्तर-पश्चिम भारत और पश्चिमी हिमालय की ओर आते हैं। इनके प्रभाव में उत्तर-पश्चिमी मैदानों में शीतकालीन वर्षा और पश्चिमी हिमालय में हिमपात शामिल हैं। हल्की वर्षा भी गेहूँ, सरसों और चना जैसी रबी फसलों के लिए उपयोगी हो सकती है। इन्हें बंगाल की खाड़ी पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के उष्णकटिबंधीय चक्रवात कहना इनके मौसम और प्रकृति दोनों को गलत कर देता है।
प्र.3दक्षिण-पश्चिम मानसून की शाखाओं के बारे में नीचे दिए कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: अरब सागर शाखा पश्चिमी घाट के पवनाभिमुख भाग में भारी वर्षा देती है। कथन 2: पश्चिमी घाट पार करने के बाद वही हवा दक्कन के भीतरी भाग में अधिक वर्षा देती है, क्योंकि वहाँ वह नमी प्राप्त करती है। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
पश्चिमी घाट को पर्वतीय वर्षा और वर्षाछाया प्रभाव का मानक उदाहरण बताया गया है। अरब सागर शाखा की नमी-भरी हवा केरल, तटीय कर्नाटक, गोवा और कोंकण की ओर घाटों से टकराकर ऊपर उठती है, इसलिए पवनाभिमुख भाग में भारी वर्षा होती है। घाट पार करने के बाद हवा की नमी घट चुकी होती है, इसलिए दक्कन पठार के कुछ भीतरी भागों में वर्षा कम मिलती है। इसलिए केवल पहला कथन सही है।
प्र.4निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
प्रश्न में स्थानीय वर्षा-नाम और क्षेत्र का गलत सुमेल पूछा गया है। मैंगो शॉवर्स दक्षिण भारत की मानसून-पूर्व वर्षा से जुड़े हैं और आम पकने में मददगार माने जाते हैं। चेरी ब्लॉसम वर्षा कर्नाटक के कॉफी उत्पादक क्षेत्रों से जोड़ी जाती है। नॉरवेस्टर्स, जिन्हें कालबैसाखी भी कहते हैं, पश्चिम बंगाल और आसपास के पूर्वी भारत में आने वाली तीव्र मानसून-पूर्व आंधी-वर्षा हैं। बर्डोली छीर्हा को केरल की मानसून-पूर्व वर्षा के मानक स्थानीय नाम के रूप में नहीं रखा जाता। इसलिए बर्डोली छीर्हा - केरल वाला युग्म प्रकाशित कुंजी के अनुसार गलत सुमेल है।
प्र.5केरल पर दक्षिण-पश्चिम मानसून आगमन की घोषणा के लिए आईएमडी मानदंडों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 14 नामित वर्षा स्टेशनों में से कम से कम 60 प्रतिशत को लगातार दो दिनों में 2.5 मिमी या उससे अधिक वर्षा दर्ज करनी चाहिए। 2. मानदंडों में पवन गति/दिशा और बहिर्गामी दीर्घ-तरंग विकिरण (ओएलआर) संकेतों का मूल्यांकन करना आवश्यक है। 3. दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत की वार्षिक वर्षा का लगभग 75 प्रतिशत लाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन से सही हैं?
सभी तीन कथन सही हैं। IMD के आगमन मानदंड हैं: (1) 60 प्रतिशत नामित वर्षा स्टेशनों पर लगातार दो दिनों में 2.5 मिमी या उससे अधिक वर्षा दर्ज होनी चाहिए; (2) पवन और OLR संकेत मानसून की गतिशीलता के अनुरूप होने चाहिए; (3) दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत की वार्षिक वर्षा का लगभग 75 प्रतिशत लाता है और कृषि, पेयजल और जलविद्युत के लिए महत्वपूर्ण है।
आपने 23 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं
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और प्रश्न
6सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए: सूची 1: 1. अरब सागर शाखा 2. बंगाल की खाड़ी शाखा 3. अरावली की दिशा 4. खासी और जयंतिया पहाड़ियाँ सूची 2: क. पश्चिमी घाट पर पवनाभिमुख भारी वर्षा देती है ख. पूर्वोत्तर में भारी वर्षा के बाद गंगा मैदान के साथ पश्चिम की ओर मुड़ती है ग. पश्चिमी घाट की तरह मानसून को नहीं रोकती घ. मॉसिनराम-चेरापूंजी पट्टी के आसपास बंगाल की खाड़ी की नम पवनों को ऊपर उठाती है सही कूट चुनिए।
7भारत की जलवायु ऋतु को उससे सीधे जुड़ी विशेषता से मिलाइए। सूची I: 1. शीत ऋतु 2. ग्रीष्म ऋतु 3. दक्षिण-पश्चिम मानसून ऋतु 4. लौटता मानसून सूची II: क. भारत के अधिकतर भागों की मुख्य वर्षा ख. उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ ग. तमिलनाडु तट को वर्षा देने वाली उत्तर-पूर्वी पवनें घ. उत्तर-पश्चिम भारत और गंगा मैदान के कुछ भागों में लू
8अभिकथन: भारतीय मानसून को केवल एक बड़े समुद्री समीर की तरह समझाना पर्याप्त नहीं है। कारण: तिब्बती पठार ऊँचाई पर स्थित ताप-स्रोत की तरह काम करता है और ऊपरी वायुमंडलीय परिसंचरण के बदलाव ग्रीष्मकालीन मानसून प्रवाह को व्यवस्थित करते हैं। सही उत्तर चुनिए।
9मई 2026 में केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 15 मई है। 2. आईएमडी ने 26 मई 2026 को केरल में मानसून के आगमन की घोषणा की, जो सामान्य तिथि से लगभग एक सप्ताह पहले है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
10अभिकथन: तमिलनाडु तट को लौटते या उत्तर-पूर्वी मानसून की अवधि में महत्त्वपूर्ण वर्षा मिलती है। कारण: इस अवधि में उत्तर-पूर्वी पवनें बंगाल की खाड़ी पार कर नमी ग्रहण करती हैं और कोरोमंडल तट पर वर्षा देती हैं। सही उत्तर चुनिए।
11भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य आगमन के बारे में कौन-सा कथन सही है?
12अभिकथन: तमिलनाडु तट को अक्टूबर-नवंबर में महत्त्वपूर्ण वर्षा मिलती है। कारण: उत्तर-पूर्वी पवनें बंगाल की खाड़ी पार कर नमी लेती हैं और कोरोमंडल तट से टकराती हैं।
13कथन 1: जब मानसून द्रोणी हिमालय की तलहटी की ओर खिसकती है, तो उत्तरी मैदानों में मानसून-विराम जैसी स्थिति बन सकती है। कथन 2: बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न-दाब तंत्र अक्सर द्रोणी के साथ पश्चिम या उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हैं और मध्य तथा उत्तरी भारत तक वर्षा पहुँचा सकते हैं। नीचे दिए गए विकल्पों में कौन-सा सही है?
14अभिकथन और कारण पढ़िए। अभिकथन (A): पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत की रबी ऋतु के लिए महत्त्वपूर्ण हैं। कारण (R): ये पश्चिमी परिसंचरण के साथ उत्तर-पश्चिम भारत में शीतकालीन वर्षा और पश्चिमी हिमालय में हिमपात लाते हैं। सही उत्तर चुनिए।
15दक्षिण-पश्चिम मानसून की दो शाखाओं के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: अरब सागर शाखा पश्चिमी घाट के पवनाभिमुख भाग में भारी वर्षा देती है, जबकि घाट पार करने के बाद दक्कन के भीतरी भागों में वर्षा कम हो जाती है। कथन 2: बंगाल की खाड़ी शाखा पूर्वोत्तर भारत की ओर जाती है और फिर हिमालय तथा मौसमी दाब-प्रतिरूप के प्रभाव में गंगा मैदान के साथ पश्चिम की ओर मुड़ती है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
