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राजस्थान के हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योग MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न

RAS/RPSC तैयारी के लिए राजस्थान के हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योग के 10 प्रश्न हल करें।

अभ्यास प्रश्न

प्र.1राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के संदर्भ में कुटीर उद्योग का सबसे सही वर्णन क्या है?

A भारी पूँजी और बड़े पैमाने के उत्पादन पर मुख्य रूप से निर्भर बड़ा कारखाना
B घर, परिवार, कारीगर या बहुत छोटी कार्यशाला द्वारा स्थानीय कौशल और श्रम से चलने वाली छोटी स्थानीय इकाई
C केवल सरकारी बिक्री-केंद्र, जो पर्यटकों को तैयार शिल्प उत्पाद बेचता है
D केवल सरसों उगाने या भेड़ पालने जैसी कच्ची कृषि गतिविधि
व्याख्या

कुटीर उद्योग को ऐसी छोटी इकाई बताया गया है जो घर, परिवार, कारीगर, स्वयं सहायता समूह या बहुत छोटी कार्यशाला से चल सकती है। इसमें बड़े कारखाने की तुलना में पूँजी कम और स्थानीय कौशल तथा श्रम अधिक महत्त्व रखते हैं। राजस्थान में हथकरघा, छपाई, मिट्टी के बर्तन, चमड़े के जूते, कढ़ाई, ऊन का काम, पापड़ और खाद्य-प्रसंस्करण इसके उदाहरण हैं। मुख्य संकेत छोटा, कौशल-आधारित स्थानीय उत्पादन है, न कि बड़ा कारखाना, केवल बिक्री-केंद्र या केवल कच्ची खेती।

प्र.2अभिकथन: राजस्थान का पर्यटन बाजार हस्तशिल्प की माँग को सहारा देता है। कारण: पर्यटक वस्त्र, आभूषण, पॉटरी, चमड़े का सामान, चित्र, कठपुतली, कालीन और पत्थर या लकड़ी की वस्तुएँ खरीदते हैं, जिससे शिल्प परिवहन, पैकिंग, खुदरा बिक्री और डिजिटल भुगतान से जुड़ता है। सही उत्तर चुनिए।

A अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या करता है।
B अभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की व्याख्या नहीं करता।
C अभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
D अभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
व्याख्या

राजस्थान का शिल्प बाजार पर्यटन से मजबूती से जुड़ा है। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, जैसलमेर, बीकानेर, पुष्कर और नाथद्वारा जैसे केंद्रों में पर्यटक वस्त्र, आभूषण, पॉटरी, चमड़े का सामान, चित्र, कठपुतली, कालीन और पत्थर या लकड़ी की वस्तुएँ खरीदते हैं। इससे परिवहन, पैकिंग, होटल-खुदरा बिक्री, गाइड, ऑनलाइन विपणन और डिजिटल भुगतान भी जुड़ते हैं। इसलिए कारण केवल अलग तथ्य नहीं बताता; वह समझाता है कि पर्यटन हस्तशिल्प के लिए माँग और सेवा-क्षेत्र संबंध कैसे बनाता है।

प्र.3सूची 1 के शिल्प को सूची 2 के सही केंद्र या तकनीकी संकेत से मिलाइए। सूची 1: 1. थेवा 2. सांगानेरी छपाई 3. बगरू छपाई 4. मीनाकारी सूची 2: क. मिट्टी जैसे गहरे रंग और रोक-छपाई परंपरा ख. धातु पर एनामेल का काम ग. रंगीन काँच पर सोने का काम घ. महीन फूल-पत्ती वाली हाथ से की गई लकड़ी-छाप छपाई

A 1-ख, 2-ग, 3-घ, 4-क
B 1-ग, 2-घ, 3-क, 4-ख
C 1-घ, 2-क, 3-ख, 4-ग
D 1-क, 2-ख, 3-ग, 4-घ
व्याख्या

शिल्प को केंद्र, सामग्री और तकनीक से जोड़कर पढ़ने पर जोर है। थेवा प्रतापगढ़ की कला है, जिसमें रंगीन काँच पर सोने का काम होता है। सांगानेरी छपाई महीन फूल-पत्ती और लकड़ी की छाप से याद रखी जाती है, जबकि बगरू गहरे मिट्टी-रंग और रोक-छपाई परंपरा से जुड़ता है। मीनाकारी धातु पर एनामेल का काम है और जयपुर से जुड़ी है। इसलिए सही क्रम थेवा-रंगीन काँच पर सोना, सांगानेरी-महीन फूल-पत्ती, बगरू-मिट्टी रंग और मीनाकारी-एनामेल कार्य है।

प्र.4कुटीर उद्योग और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम में सही अंतर कौन-सा है?

A सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम कोई खास शिल्प-तकनीक है, जबकि कुटीर उद्योग केवल कर-श्रेणी है।
B हर सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम हस्तशिल्प इकाई ही होना चाहिए, और कोई सेवा फर्म इसमें नहीं आ सकती।
C कुटीर उद्योग छोटे पैमाने के स्थानीय उत्पादन को बताता है, जबकि सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम मान्यता प्राप्त उद्यम-श्रेणी को बताता है।
D कुटीर उद्योग ऋण, उपकरण, डिज़ाइन या ऑनलाइन बिक्री के माध्यम से पंजीकरण या उन्नयन नहीं कर सकते।
व्याख्या

साफ सूत्र है कि कुटीर उद्योग छोटे पैमाने के उत्पादन को बताता है, जबकि सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम मान्यता प्राप्त उद्यम-श्रेणी को बताता है। 2006 के अधिनियम ने छोटे उद्यमों की औपचारिक पहचान मजबूत की। कई हस्तशिल्प या कुटीर इकाइयाँ पंजीकरण और मानदंड पूरे करने पर इस ढाँचे में आ सकती हैं, पर यह श्रेणी हस्तशिल्प से व्यापक है। इसमें प्रसंस्करण इकाइयाँ, मरम्मत कार्यशालाएँ, पर्यटन आपूर्तिकर्ता, पैकिंग इकाइयाँ, फर्नीचर निर्माता और सेवा फर्म भी आ सकती हैं। मुख्य अंतर उत्पादन के स्वरूप और औपचारिक उद्यम-श्रेणी का है।

प्र.5राजस्थान के कुटीर उद्योगों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: ये सामान्यतः घरों, परिवारों, कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों या बहुत छोटी कार्यशालाओं द्वारा चलने वाली छोटी इकाइयाँ होती हैं। कथन 2: इनमें बड़े कारखानों की तुलना में कम पूँजी लगती है और स्थानीय कौशल व श्रम पर अधिक निर्भरता होती है। कथन 3: यदि इनमें किसी औजार या मशीन का प्रयोग हो जाए, तो ये बड़े औद्योगिक कारखानों के समान हो जाते हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A केवल कथन 1 और कथन 2
B केवल कथन 2 और कथन 3
C केवल कथन 1 और कथन 3
D कथन 1, कथन 2 और कथन 3
व्याख्या

कुटीर उद्योग को घर, परिवार, कारीगर, स्वयं सहायता समूह या बहुत छोटी कार्यशाला से चलने वाली छोटी इकाई बताया गया है। ऐसे उद्योग बड़े कारखानों की तुलना में कम पूँजी माँगते हैं और स्थानीय कौशल व श्रम पर अधिक निर्भर रहते हैं। कुटीर उद्योग छोटे, कौशल-आधारित स्थानीय उत्पादन को कहते हैं, बड़े औद्योगिक कारखाने को नहीं। किसी औजार या मशीन का सीमित प्रयोग हो सकता है, पर पैमाना, पूँजी और कौशल-आधार ही मुख्य पहचान रहते हैं। इसलिए पहले दो कथन सही हैं, बड़े कारखाने वाली बात गलत है।

आपने 10 में से 5 नमूना प्रश्न देख लिए हैं

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और प्रश्न

6बताए गए CET ट्रैप के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा वर्गीकरण गलत है?

Aभेड़ से प्राप्त कच्ची ऊन - सहायक कृषि
Bकालीन बुनाई - विनिर्माण
Cसरसों उगाना - तृतीयक गतिविधि
Dपर्यटकों को कालीन बेचना - सेवा

7अभिकथन: भौगोलिक संकेतक संरक्षण किसी स्थान, प्रतिष्ठा या विशेष गुण से जुड़ी मान्य उत्पाद-पहचान को सुरक्षित करने में मदद करता है। कारण: 1999 के भौगोलिक संकेतक अधिनियम ने ऐसे उत्पाद-नामों की रक्षा का कानूनी मार्ग बनाया। सही उत्तर चुनिए।

Aअभिकथन सही है, लेकिन कारण गलत है।
Bअभिकथन गलत है, लेकिन कारण सही है।
Cअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है।
Dअभिकथन और कारण दोनों सही हैं, और कारण अभिकथन की सही व्याख्या है।

8भौगोलिक संकेतक संरक्षण के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए: कथन 1: 1999 के अधिनियम ने स्थान, प्रतिष्ठा और विशेष गुणों से जुड़े उत्पाद-नामों की रक्षा का कानूनी रास्ता बनाया। कथन 2: भौगोलिक संकेतक दर्जा किसी शिल्प की ठीक-ठीक उत्पत्ति-वर्ष सिद्ध करता है। कौन-सा कथन सही है?

Aकेवल कथन 2
Bकथन 1 और कथन 2 दोनों
Cन तो कथन 1, न कथन 2
Dकेवल कथन 1

9जयपुर की ब्लू पॉटरी की पहचान किस विशेषता से होती है?

Aयह मुख्य रूप से अनुष्ठानिक पट्टिकाओं के लिए बनी सामान्य टेराकोटा पॉटरी है।
Bइसमें रंगीन काँच पर सोने का काम किया जाता है।
Cइसमें मिट्टी-रहित, क्वार्ट्ज-आधारित मिश्रण का उपयोग होता है।
Dयह महीन चौखानों वाली हल्की सूती-रेशमी वस्त्र-बुनावट है।

10कौन-सा शिल्प अपने पारंपरिक केंद्र और पहचान बताने वाली सामग्री या तकनीक से सही मिलाया गया है?

Aथेवा - कोटा - महीन चौखड़ीदार बुनावट
Bकोटा डोरिया - जैसलमेर - तराशा हुआ पत्थर
Cब्लू पॉटरी - जयपुर - मिट्टी-रहित क्वार्ट्ज-आधारित मिश्रण
Dमोलेला टेराकोटा - बीकानेर - चमड़े पर उस्ता कला

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