दूसरा WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन 19 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में संपन्न हुआ, जिसका संयुक्त आयोजन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारत के आयुष मंत्रालय ने किया। 'संतुलन की पुनर्स्थापना: स्वास्थ्य और कल्याण का विज्ञान और व्यवहार' विषय पर 17–19 दिसंबर तक आयोजित इस शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक देशों के 800 से अधिक प्रतिनिधि, 20 से अधिक देशों के मंत्री और 16,000 से अधिक ऑनलाइन प्रतिभागी शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समापन समारोह को संबोधित किया। शिखर सम्मेलन का समापन 26 WHO सदस्य देशों की प्रतिबद्धताओं से समर्थित 'दिल्ली घोषणा' को अपनाने के साथ हुआ। घोषणा प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल में पारंपरिक चिकित्सा के एकीकरण, नियामक और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने, अनुसंधान में निवेश और स्वास्थ्य परिणामों पर नज़र रखने के लिए ऐसी डेटा प्रणालियां बनाने पर केंद्रित है जो आपस में काम कर सकें। एक ऐतिहासिक उपलब्धि WHO पारंपरिक चिकित्सा वैश्विक पुस्तकालय का अनावरण था — एक अनूठा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, जो दुनिया भर से 16 लाख संसाधनों को संकलित करता है। भारत की छह पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियाँ — आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (AYUSH) — को संहिताबद्ध, साक्ष्य आधारित पारंपरिक ज्ञान के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।