चेन्नई भारत का पहला शहर बना, जिसने वास्तविक समय बाढ़ पूर्वानुमान और स्थानिक निर्णय सहायता प्रणाली (RTFF & SDSS) को पूरी तरह संचालित किया। यह प्रणाली पांच जिलों — चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट — के लगभग 4,974 वर्ग किमी क्षेत्र को शामिल करती है। विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित ₹107.2 करोड़ की अनुमानित लागत वाली यह प्रणाली झीलों, नदियों, वर्षा जल निकासी नालियों और तटीय क्षेत्रों से वास्तविक समय का डेटा एकत्र कर वेलाचेरी, सैदापेट और नुंगमबक्कम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ का सटीक पूर्वानुमान देती है।