चेन्नई भारत का पहला शहर बना, जिसने वास्तविक समय बाढ़ पूर्वानुमान और स्थानिक निर्णय सहायता प्रणाली (RTFF & SDSS) को पूरी तरह संचालित किया। यह प्रणाली पांच जिलों — चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट — के लगभग 4,974 वर्ग किमी क्षेत्र को शामिल करती है। विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित ₹107.2 करोड़ की अनुमानित लागत वाली यह प्रणाली झीलों, नदियों, वर्षा जल निकासी नालियों और तटीय क्षेत्रों से वास्तविक समय का डेटा एकत्र कर वेलाचेरी, सैदापेट और नुंगमबक्कम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ का सटीक पूर्वानुमान देती है।
चेन्नई रियल-टाइम बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली शुरू करने वाला पहला भारतीय शहर बना
चेन्नई पूरी तरह चालू RTFF प्रणाली वाला भारत का पहला शहर बना; 5 जिलों में 4,974 वर्ग किमी क्षेत्र; ₹107.2 करोड़, विश्व बैंक से वित्तपोषित।
मुख्य तथ्य
- चेन्नई भारत का पहला ऐसा शहर बना जहाँ बाढ़ के रियल-टाइम पूर्वानुमान और स्थानिक निर्णय सहायता प्रणाली (RTFF और SDSS) चालू की गई
- यह प्रणाली पाँच जिलों — चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू और रानीपेट — में फैले 4,974 वर्ग किमी क्षेत्र पर नज़र रखती है
- विश्व बैंक से 107.2 करोड़ रुपये का वित्त पोषण; नदी और तालाबों के जल स्तर तथा सड़क के स्तर पर बाढ़ का पूर्वानुमान देती है
- झीलों, नदियों, तूफानी नालों और तटीय क्षेत्रों से वास्तविक समय का डेटा जुटाती है
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2021 विश्व बैंक समूह जलवायु परिवर्तन कार्य योजना 2021-2025 के कोई पाँच उद्देश्य लिखिए। — यह प्रश्न विश्व बैंक की जलवायु कार्य योजना पूछता है; लेख चेन्नई में विश्व बैंक वित्तपोषित बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली की चर्चा करता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: शहरी आपदा प्रबंधन के लिए चेन्नई के वास्तविक समय बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली शुरू करने वाला पहला भारतीय शहर बनने के महत्व का आकलन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
चेन्नई पूरी तरह संचालित वास्तविक समय बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली वाला भारत का पहला शहर बना, जिसमें पाँच जिलों का 4,974 वर्ग किमी क्षेत्र शामिल है। 107.2 करोड़ रुपये की विश्व बैंक वित्तपोषित परियोजना नदी और तालाबों के जल स्तर तथा वेलचेरी और सैदापेट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए सड़क-स्तरीय बाढ़ पूर्वानुमान देकर शहरी आपदा तैयारी को मजबूत करती है।
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केंद्रीय कैबिनेट द्वारा स्वीकृत मिशन मौसम का कुल परिव्यय कितना है?
मिशन मौसम का परिव्यय ₹2,000 करोड़ है, जो भू-विज्ञान मंत्रालय के तहत लागू किया गया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वास्तविक समय बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली को लागू करने वाला भारत का पहला शहर कौन सा बना?
**चेन्नई** वास्तविक समय बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली को चालू करने वाला **भारत का पहला शहर** बना, जिससे भारी वर्षा के दौरान निवासियों और अधिकारियों को समय पर शुरुआती चेतावनी मिल सके।
चेन्नई की वास्तविक समय बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली में कौन-कौन सी तकनीकें शामिल हैं?
चेन्नई की प्रणाली **उन्नत जल विज्ञान मॉडलिंग, IoT-आधारित रेन गेज, जल स्तर सेंसर और मौसम डेटा** का उपयोग करके सटीक बाढ़ पूर्वानुमान तैयार करती है।
चेन्नई के लिए वास्तविक समय बाढ़ पूर्वानुमान क्यों महत्वपूर्ण है?
चेन्नई **गंभीर शहरी बाढ़** झेलता रहा है, जैसा 2015 की बाढ़ में देखा गया। रीयल-टाइम पूर्वानुमान प्रणाली से **पहले से निकासी, यातायात प्रबंधन और संसाधनों की अग्रिम तैनाती** में मदद मिलती है।
भारतीय शहरों के लिए चेन्नई की बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली का क्या महत्व है?
चेन्नई की प्रणाली **उन अन्य भारतीय शहरों के लिए एक मॉडल** है, जिन पर शहरी बाढ़ का खतरा है। यह दिखाती है कि डेटा पर आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली शहरों को **जलवायु अनुकूल** बनाने में कैसे मदद कर सकती है।
चेन्नई की रीयल-टाइम बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली के विकास में किसका सहयोग रहा?
चेन्नई की प्रणाली **केंद्र और राज्य एजेंसियों** के सहयोग से विकसित की गई। इसमें **भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)** के डेटा और अंतर्राष्ट्रीय बाढ़ मॉडलिंग विशेषज्ञता शामिल है।
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