राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने महिला सुरक्षा पर राष्ट्रीय वार्षिक रिपोर्ट और सूचकांक (NARI) 2025 जारी किया। यह महिलाओं के लिए भारत का पहला धारणा-आधारित सुरक्षा सूचकांक है। इस सूचकांक का उद्देश्य उत्पीड़न के उन मामलों को सामने लाना है जिनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं होती, साथ ही आधिकारिक अपराध आंकड़ों से आगे जाकर महिलाओं की सुरक्षा संबंधी धारणाओं का आकलन करना है। NARI 2025 राज्यों और शहरों में महिलाओं के सुरक्षा अनुभव का मूल्यांकन करने के लिए एक व्यापक ढांचा देता है। यह राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर महिला सुरक्षा नीति-निर्माण को दिशा देगा।
NCW ने जारी किया NARI 2025 — भारत का पहला महिला सुरक्षा धारणा सूचकांक
NCW ने NARI 2025 जारी किया — भारत का पहला धारणा-आधारित महिला सुरक्षा सूचकांक। यह आधिकारिक अपराध आंकड़ों से आगे जाकर दर्ज न होने वाले उत्पीड़न को सामने लाता है और महिला सुरक्षा नीति-निर्माण में सहायक है।
मुख्य तथ्य
- NCW ने NARI 2025 जारी किया — भारत का पहला धारणा-आधारित महिला सुरक्षा सूचकांक।
- NARI आधिकारिक अपराध आंकड़ों से आगे जाकर रिपोर्ट न किए गए उत्पीड़न को भी सामने लाता है।
- महिला सुरक्षा पर राज्य और राष्ट्रीय नीति-निर्माण में मदद के लिए तैयार किया गया।
- सूचकांक महिला सुरक्षा के लिए संसाधन आवंटन में कमियों की पहचान करने में सहायक है।
- राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने यह सूचकांक तैयार कर लॉन्च किया।
- NARI सुरक्षित वातावरण के लिए डेटा पर आधारित नीतिगत हस्तक्षेपों में मदद करता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
भारत का पहला महिला सुरक्षा धारणा सूचकांक NARI 2025 किस संगठन ने जारी किया?
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने NARI 2025 जारी किया, जो भारत का पहला महिला सुरक्षा धारणा-आधारित सूचकांक है।
स्रोत: स्रोत विवरण उपलब्ध नहीं है
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NARI 2025 क्या है और इसे किसने जारी किया?
NARI 2025 (नेशनल एनुअल रिपोर्ट इंडेक्स — महिला सुरक्षा) भारत का पहला धारणा-आधारित महिला सुरक्षा सूचकांक है, जिसे राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने जारी किया। पारंपरिक अपराध आंकड़ों से अलग, यह उन उत्पीड़न की घटनाओं को भी ध्यान में रखता है जो दर्ज नहीं होतीं, और मापता है कि महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर कैसा अनुभव करती हैं। इसलिए यह नीति-निर्माण के लिए अधिक व्यापक उपकरण बनता है।
NARI 2025 महिला सुरक्षा मापने के लिए पारंपरिक अपराध आंकड़ों से किस प्रकार भिन्न है?
पारंपरिक अपराध आंकड़ों में केवल दर्ज अपराध शामिल होते हैं। इनमें उत्पीड़न, धमकी और असुरक्षित स्थितियों की वे बड़ी संख्या में घटनाएं छूट जाती हैं, जिन्हें दर्ज नहीं कराया जाता और जिनका महिलाएं रोजाना सामना करती हैं। NARI 2025 धारणा-आधारित है — यह मापता है कि महिलाएं सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों और घरों में वास्तव में कितना सुरक्षित महसूस करती हैं।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) क्या है और इसके प्रमुख कार्य क्या हैं?
NCW राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम 1990 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है। इसके प्रमुख कार्यों में महिलाओं से संबंधित कानूनों की समीक्षा, अधिकार उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त करना, महिला मुद्दों पर अध्ययन करना, नीतिगत परिवर्तनों की सिफारिश करना और अधिकारियों के समक्ष मामले उठाना शामिल है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है।
NARI 2025 महिला सुरक्षा के लिए संसाधन आवंटन में कैसे मदद करेगा?
NARI 2025 उन जिलों और राज्यों को चिन्हित करता है जहाँ महिलाएँ कम सुरक्षित महसूस करती हैं। इससे सरकारें केवल दर्ज अपराध-आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय सबसे ज़रूरी क्षेत्रों में सुरक्षा गृह, स्ट्रीट लाइट, पुलिस गश्त और हेल्पलाइन जैसे संसाधन लगा सकती हैं।
सामाजिक नीति, विशेषकर महिला सुरक्षा के लिए, धारणा-आधारित सूचकांक क्यों महत्वपूर्ण हैं?
धारणा-आधारित सूचकांक नागरिकों के जीवन के अनुभवों को दिखाते हैं — जैसे भय, बचने वाला व्यवहार और कम रिपोर्टिंग — जिन्हें आधिकारिक आंकड़े पूरी तरह नहीं दिखा पाते। महिला सुरक्षा के संदर्भ में कई अपराध कलंक, प्रतिशोध के डर या व्यवस्था पर अविश्वास के कारण रिपोर्ट ही नहीं हो पाते। NARI 2025 इस तरह वास्तविक, यानी केवल दर्ज मामलों तक सीमित नहीं, सुरक्षा की कमी को दूर करने के लिए लक्षित और साक्ष्य-आधारित हस्तक्षेप तैयार करने में मदद करता है।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें