युवा मामले और खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 (अधिनियम संख्या 25/2025) के तहत राष्ट्रीय खेल शासन (राष्ट्रीय खेल निकाय) नियम, 2026 अधिसूचित किए। यह अधिनियम 1 जनवरी 2026 से आंशिक रूप से लागू हुआ था। ये नियम भारत में राष्ट्रीय खेल निकायों और क्षेत्रीय खेल महासंघों के कामकाज का व्यापक ढाँचा तय करते हैं। एक प्रमुख प्रावधान के अनुसार, प्रत्येक राष्ट्रीय खेल निकाय की महासभा में कम से कम चार उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शामिल करना अनिवार्य है और उनमें कम से कम 50% महिलाएँ होनी चाहिए। यह खेल प्रशासन में महिलाओं की बराबर भागीदारी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में अर्हता के लिए खिलाड़ी की आयु कम से कम 25 वर्ष हो, वह सक्रिय प्रतिस्पर्धी खेलों से संन्यास ले चुका हो और उसने आवेदन से पहले कम-से-कम एक वर्ष तक ऐसी किसी प्रतियोगिता में भाग न लिया हो जो जिला, राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर चयन का आधार बनती हो। नियम चुनाव की प्रक्रिया और सदस्यों को अयोग्य ठहराने के मानदंड भी तय करते हैं। इनमें राष्ट्रीय खेल चुनाव पैनल को खेल निकायों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की निगरानी का दायित्व देने का प्रावधान है। प्रत्येक राष्ट्रीय खेल निकाय को नियम लागू होने के छह महीने के भीतर अधिनियम के अनुरूप अपनी उपविधियाँ संशोधित करनी होंगी। ये नियम खेल प्रशासन में पारदर्शिता की कमी, खिलाड़ियों की उपेक्षा और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताओं का समाधान करते हैं। ये विश्व डोपिंग-रोधी एजेंसी (WADA) के दिशानिर्देशों और खिलाड़ी प्रतिनिधित्व से जुड़े ओलंपिक चार्टर के सिद्धांतों सहित वैश्विक मानकों के अनुरूप हैं।