खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 का पहला संस्करण छत्तीसगढ़ में 25 मार्च से 3 अप्रैल 2026 तक आयोजित हुआ। यह आयोजन रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा जैसे तीन मेज़बान केंद्रों में हुआ और इसे खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत जनजातीय खिलाड़ियों के लिए भारत का पहला राष्ट्रीय बहु-खेल आयोजन माना गया। परीक्षा में इससे खेलो इंडिया कार्यक्रम, जनजातीय खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म और जमीनी स्तर पर प्रतिभा पहचान जैसे बिंदु जोड़े जा सकते हैं।

इन खेलों में पदक स्पर्धाओं के लिए सात खेल रखे गए: एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, तीरंदाजी, तैराकी और कुश्ती। इनके साथ मल्लखंभ और कबड्डी जैसे देशज खेलों के प्रदर्शन कार्यक्रम भी शामिल रहे। इसलिए प्रीलिम्स में तारीख, राज्य, मेज़बान केंद्र, खेलों की संख्या और खेलो इंडिया से जुड़ी संस्थागत पृष्ठभूमि सीधे पूछी जा सकती है। स्टैटिक जीके के लिए खेलो इंडिया कार्यक्रम का बड़ा उद्देश्य याद रखना चाहिए: देश में खेल संस्कृति को मजबूत करना, भागीदारी बढ़ाना, उभरती प्रतिभा की पहचान करना और खिलाड़ियों को लगातार समर्थन देना।

आयोजन का महत्व केवल मेडल तक सीमित नहीं है। आधिकारिक विवरण के अनुसार, इसमें 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से प्रतिभागी आए और सात खेलों में कुल 338 मेडल दिए जाने थे। यह दिखाता है कि जनजातीय क्षेत्रों की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ने की कोशिश हो रही है। छत्तीसगढ़ का चयन भी परीक्षा-उपयोगी है, क्योंकि राज्य की जनजातीय पहचान और बस्तर-सरगुजा जैसे क्षेत्रों में खेल अवसरों का विस्तार इस आयोजन की पृष्ठभूमि बनता है। RAS और UPSC में यह केंद्र की खेलो इंडिया पहल, जनजातीय भागीदारी और राज्य में हुए राष्ट्रीय आयोजन का ठोस उदाहरण देता है।