केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 26 सितंबर 2025 को चेन्नई के पास समुद्री शिक्षा और प्रशिक्षण अकादमी ज्ञान पार्क में भारत के अपनी तरह के पहले समुद्री सिमुलेशन केंद्र का उद्घाटन किया। इसी कार्यक्रम के साथ विशाखापत्तनम में भारतीय जहाज प्रौद्योगिकी केंद्र का ऑनलाइन उद्घाटन भी जुड़ा था। परीक्षा की दृष्टि से यह समाचार विज्ञान-प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे और आत्मनिर्भर भारत से जुड़ा छोटा लेकिन महत्वपूर्ण तथ्य है, क्योंकि इसमें दो अलग-अलग केंद्र, दो अलग-अलग शहर और दो अलग उद्देश्य शामिल हैं।
विशाखापत्तनम का भारतीय जहाज प्रौद्योगिकी केंद्र जहाज डिजाइन, अनुसंधान और विकास का केंद्र होगा। इसका सीधा संबंध भारत की जहाज निर्माण क्षमता बढ़ाने और विदेशी जहाज डिजाइन पर निर्भरता कम करने से है। यह भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय के विशाखापत्तनम परिसर में स्थित है और उद्योग के साथ सलाह, प्रशिक्षण, नीति सहायता तथा सहयोग के लिए एकल खिड़की सेवा की तरह काम करने का लक्ष्य रखता है। इसलिए स्टैटिक जीके में इसे जहाज निर्माण, स्वदेशी तकनीक और समुद्री क्षेत्र की संस्थागत क्षमता से जोड़ा जा सकता है।
चेन्नई के पास समुद्री सिमुलेशन केंद्र प्रशिक्षण-केंद्रित सुविधा है। इसमें डेक और इंजन संचालन के फुल मिशन सिमुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक चार्ट डिस्प्ले और सूचना प्रणाली, तथा ऑगमेंटेड रियलिटी/वर्चुअल रियलिटी लैब जैसे साधन बताए गए हैं। इनका उपयोग भावी नाविकों को वॉचकीपिंग, स्टीयरिंग, टक्कर से बचाव, नेविगेशन लाइट पहचान और इंजन समस्या-समाधान जैसे व्यावहारिक कौशल सिखाने में होगा। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में संभावित प्रश्न केंद्रों के स्थान, उद्घाटनकर्ता, उद्देश्य, आत्मनिर्भर भारत से संबंध और समुद्री अर्थव्यवस्था में कौशल-विकास की भूमिका पर आ सकते हैं।
