प्रकाशित: 23 अक्टूबर 2025समाचार स्रोतटॉपिक
भारतीय सेना ने 4.25 लाख CQB कार्बाइन के लिए 2,770 करोड़ रुपये का अनुबंध किया
भारतीय सेना ने भारत फोर्ज (60% ऑर्डर) और PLR सिस्टम्स (40%, अदाणी समूह और इजरायल वेपन इंडस्ट्रीज का संयुक्त उद्यम) से 4.25 लाख क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) 5.56x45mm कार्बाइन खरीदने के लिए ₹2,700 करोड़ का अनुबंध किया। डिलीवरी सितंबर 2026 से शुरू होकर 2028 तक पूरी होगी।
लगभग 3.3 किग्रा वजन और 200 मीटर प्रभावी रेंज वाली CQB कार्बाइनें दो दशकों से अधिक समय से सेवारत 9x19mm स्टर्लिंग कार्बाइनों की जगह लेंगी। यह आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत पैदल सेना के छोटे हथियारों के आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय सेना ने ₹2,700 करोड़ की CQB कार्बाइन खरीद के लिए कौन-सा अनुबंध किया?
भारतीय सेना ने आत्मनिर्भर भारत के तहत इन्फेंट्री के छोटे हथियारों के आधुनिकीकरण के लिए भारत फोर्ज और PLR सिस्टम्स से **₹2,700 करोड़** में **4.25 लाख CQB कार्बाइन** खरीदने का अनुबंध किया।
भारतीय सेना द्वारा खरीदी गई CQB कार्बाइन का कैलिबर और वजन क्या है?
CQB कार्बाइन **5.56x45mm** कैलिबर की है और इसका वजन लगभग **3.3 किलोग्राम** है, जिसकी प्रभावी रेंज 200 मीटर है।
CQB कार्बाइन उत्पादन का कितना हिस्सा भारत में होगा?
आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत कम से कम **60% उत्पादन** भारत में होगा, जिसमें भारत फोर्ज 60% और PLR सिस्टम्स (अडानी-IWI JV) 40% आपूर्ति करेंगी।
4.25 लाख CQB कार्बाइन भारतीय सेना को कब तक पूरी तरह दी जाएंगी?
आपूर्ति **सितंबर 2026** से शुरू होकर **2028** तक पूरी होने की योजना है।
CQB कार्बाइन भारतीय सेना की युद्ध क्षमता को कैसे बेहतर बनाती है?
CQB कार्बाइन पुरानी 9x19mm सबमशीन गन की तुलना में **अधिक रेंज, सटीकता और रोकने की क्षमता** देती है, जिससे **शहरी युद्ध और करीबी लड़ाई** में पैदल सेना की प्रभावशीलता बढ़ती है।