18 मार्च 2026 को जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 'RISA: टाइमलेस ट्राइबल' नाम से एक प्रीमियम राष्ट्रीय ब्रांड शुरू किया। यह ब्रांड भारत की स्वदेशी जनजातीय वस्त्र, कढ़ाई और हस्तशिल्प परंपराओं को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय प्रीमियम बाजारों में सामने लाने के लिए है। इसकी कार्यान्वयन एजेंसी TRIFED (जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ) है, जो जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन कार्य करती है।

'RISA' नाम त्रिपुरा के जनजातीय समुदायों के पारंपरिक हाथ से बुने कपड़े से लिया गया है। यह सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण पारंपरिक हाथबुना अंगवस्त्र पुरुषों और महिलाओं, दोनों द्वारा पहना जाता है। इस प्रतिष्ठित जनजातीय वस्त्र के नाम पर ब्रांड का नाम रखकर मंत्रालय भारत भर की जनजातीय सांस्कृतिक पहचानों के प्रति सम्मान दर्शाता है।

पहले चरण में ब्रांड में 10 क्लस्टर शामिल हैं, जिनमें बुनाई, कढ़ाई और शिल्प परंपराएं आती हैं। पहल का लक्ष्य है: (1) जनजातीय कारीगरों को निर्वाह स्तर से प्रीमियम बाजार तक ले जाना; (2) लुप्त होती बुनाई और शिल्प परंपराओं को संरक्षित करना; (3) ब्रांडिंग, डिजाइन सहायता और ई-कॉमर्स पहुंच प्रदान करना। राजस्थान में भील और मीणा समुदायों की कढ़ाई, शीशा-काम, बांधनी और हथकरघा वस्त्र परंपराएं तथा डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर के जनजातीय कारीगर इस ब्रांड से लाभान्वित हो सकते हैं।