2025 में भारतीय रेलवे ने रेल संपर्क के क्षेत्र में दो ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल कीं, जिनसे देश के रेल मानचित्र में बड़ा बदलाव आया। जून 2025 में प्रधानमंत्री ने 272 किमी लंबे उधमपुर–श्रीनगर–बारामूला रेल लिंक (USBRL) के अंतिम 63 किमी कटरा–संगलदान खंड का उद्घाटन किया, जिससे कश्मीर घाटी राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ गई। इस परियोजना में विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे आर्च ब्रिज — चिनाब ब्रिज (359 मीटर ऊँचा, 1,315 मीटर स्पैन), भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज (अंजी ब्रिज) और भारत की सबसे लंबी परिचालन रेलवे सुरंग (T-50) शामिल हैं। कटरा-श्रीनगर वंदे भारत सेवा भी शुरू हुई। सितंबर 2025 में मिज़ोरम में 51 किमी बैराबी–साईरांग ब्रॉड-गेज लाइन का उद्घाटन हुआ, जिससे आइज़ोल गुवाहाटी (डिसपुर), अगरतला और ईटानगर के बाद भारतीय रेलवे से जुड़ने वाली चौथी पूर्वोत्तर राज्य राजधानी बनी। ये उपलब्धियाँ राष्ट्रीय एकीकरण, क्षेत्रीय जुड़ाव और सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक रेल संपर्क का प्रतीक हैं।
भारतीय रेलवे ने 2025 में ऐतिहासिक कनेक्टिविटी उपलब्धियाँ हासिल कीं: कश्मीर घाटी और आइज़ोल (मिज़ोरम) राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़े
2025 में भारतीय रेलवे ने संपर्क के क्षेत्र में दो ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल कीं, जिन्होंने देश के रेल मानचित्र को बदल दिया। जून 2025 में प्रधानमंत्री ने 272 किमी लंबे उधमपुर–श्रीनगर–बारामूला रेल लिंक (USBRL) के अंतिम 63 किमी कटरा–संगलदान खंड का उद्घाटन किया, जिससे कश्मीर घाटी राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ गई। इस परियोजना में विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे आर्च ब्रिज — चिनाब ब्रिज (359 मीटर ऊँचा, 1,315 मीटर स्पैन), भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज (अंजी ब्रिज) और भारत की सबसे लंबी चालू रेलवे सुरंग (T-50) शामिल हैं। कटरा-श्रीनगर वंदे भारत सेवा शुरू हुई। सितंबर 2025 में मिज़ोरम में 51 किमी बैराबी–साईरांग ब्रॉड-गेज लाइन का उद्घाटन हुआ, जिससे आइज़ोल गुवाहाटी (डिसपुर), अगरतला और ईटानगर के बाद भारतीय रेलवे से जुड़ने वाली चौथी पूर्वोत्तर राज्य राजधानी बनी। ये उपलब्धियाँ राष्ट्रीय और क्षेत्रीय एकीकरण तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में सामरिक संपर्क का प्रतीक हैं।
मुख्य तथ्य
- जून 2025 में कटरा-संगलदान खंड के ज़रिए कश्मीर घाटी राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ी।
- 272 किमी के USBRL प्रोजेक्ट में विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे आर्च ब्रिज — चिनाब ब्रिज (359 मीटर) है।
- भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज (अंजी ब्रिज) USBRL परियोजना का हिस्सा है।
- मिज़ोरम का आइज़ोल भी 2025 में राष्ट्रीय रेल ग्रिड से जुड़ा।
- मिज़ोरम में बैराबी-सैरंग रेल लाइन चुनौतीपूर्ण भू-भाग से गुजरते हुए राज्य की राजधानी तक पहुँचती है।
- दोनों उपलब्धियों ने सीमावर्ती और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए भारत के रेल संपर्क मानचित्र को बदल दिया।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2023 2024-25 के अंतरिम बजट में P.M. गति शक्ति फ्रेमवर्क के अंतर्गत घोषित तीन आर्थिक रेलवे कॉरिडोर के नाम लिखिए। — यह प्रश्न पीएम गति शक्ति के तहत रेलवे कॉरिडोर से संबंधित है; यह लेख यूएसबीआरएल और बैराबी-सैरांग लाइन सहित ऐतिहासिक रेल संपर्क उपलब्धियों पर चर्चा करता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 2025 में कश्मीर घाटी और आइज़ोल को रेल नेटवर्क से जोड़ने के महत्व का आकलन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
272 किलोमीटर यूएसबीआरएल में 359 मीटर ऊंचे चिनाब पुल और सबसे लंबी रेल सुरंग से कश्मीर राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा। 51 किलोमीटर बैराबी-सैरांग लाइन ने आइज़ोल को रेल संपर्क वाली चौथी पूर्वोत्तर राजधानी बनाया। ये उपलब्धियां क्षेत्रीय एकता, सीमा सुरक्षा और दूरस्थ क्षेत्रों की विकास आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करती हैं।
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सितंबर 2025 में 51 किमी बैराबी-सैरांग लाइन के उद्घाटन के साथ आइज़ोल भारतीय रेलवे से जुड़ने वाली कौन सी पूर्वोत्तर राज्य राजधानी बनी?
सितंबर 2025 में उद्घाटित 51 किमी बैराबी-सैरांग ब्रॉड-गेज लाइन ने आइज़ोल को भारतीय रेलवे नेटवर्क से जुड़ने वाली चौथी पूर्वोत्तर राज्य राजधानी बना दिया, गुवाहाटी (दिसपुर), अगरतला और ईटानगर के बाद।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कश्मीर घाटी को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से कब जोड़ा गया और किस खंड ने यह संपर्क पूरा किया?
जून 2025 में PM ने 272 किमी USBRL परियोजना के अंतिम 63 किमी कटरा–संगलदान खंड का उद्घाटन किया, जिससे कश्मीर घाटी राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ी।
चिनाब ब्रिज ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण क्यों है और इसकी प्रमुख माप क्या है?
चिनाब ब्रिज विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे आर्च ब्रिज है। यह नदी तल से 359 मीटर ऊँचा है और इसका स्पैन 1,315 मीटर है। USBRL परियोजना में यह इंजीनियरिंग की रिकॉर्ड-तोड़ उपलब्धि मानी जाती है।
अंजी ब्रिज क्या है और भारतीय रेलवे के इतिहास में यह उल्लेखनीय क्यों है?
अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज है, जिसे USBRL परियोजना के तहत जम्मू-कश्मीर के कठिन भू-भाग में रेल संपर्क बनाने के लिए तैयार किया गया।
किस रेल लाइन ने आइज़ोल (मिज़ोरम) को राष्ट्रीय रेल ग्रिड से जोड़ा और इसका निर्माण चुनौतीपूर्ण क्यों था?
बैराबी–सैरंग लाइन ने मिज़ोरम की राजधानी आइज़ोल को राष्ट्रीय रेल ग्रिड से जोड़ा। पूर्वोत्तर भारत के अत्यंत पहाड़ी और वनाच्छादित इलाके के कारण सुरंगों और पुलों की जरूरत पड़ी।
कश्मीर घाटी और आइज़ोल को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने का रणनीतिक महत्व क्या है?
इन दोनों रेल संपर्कों से सीमावर्ती और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में सैन्य आवाजाही, पर्यटन, व्यापार और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिलता है, इसलिए ये भारत की आंतरिक सुरक्षा और विकास रणनीति के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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