प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अप्रैल 2026 को कर्नाटक की यात्रा की और लगभग 11 बजे मांड्या जिले के श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरी में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया। यह मंदिर श्री आदिचुंचनगिरी महासंस्थान मठ के 71वें पीठाधीश्वर पूज्य श्री श्री श्री डॉ. बालगंगाधरनाथ महास्वामी जी को समर्पित स्मारक है तथा पारंपरिक द्रविड़ स्थापत्य शैली में निर्मित है। इस मठ का इतिहास दो सहस्राब्दियों से भी अधिक पुराना है। यह कर्नाटक में वोक्कलिगा समुदाय का प्रमुख पीठ है और राज्य भर में शैक्षणिक, चिकित्सा एवं ग्रामीण विकास संस्थानों का व्यापक नेटवर्क संचालित करता है। प्रधानमंत्री ने मठ परिसर के भीतर श्री कालभैरव मंदिर में पूजा-अर्चना भी की और ज्वाला पीठ की यात्रा की। यात्रा के दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के साथ संयुक्त रूप से "सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्रम्" पुस्तक का विमोचन किया। सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और इंजीनियरिंग संस्थानों से मठ की सेवा परंपरा "सबका साथ, सबका विकास" की भावना को मूर्त रूप देती है। उन्होंने कर्नाटक के सामाजिक ताने-बाने में वोक्कलिगा समुदाय के योगदान की भी सराहना की। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, कर्नाटक के केंद्रीय मंत्री तथा मठ के वरिष्ठ पदाधिकारी समारोह में उपस्थित रहे।