केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन 2025 (8-9 नवंबर 2025) के दौरान दो प्रमुख शहरी शासन पहल — डम्पसाइट रेमेडिएशन एक्सेलेरेटर प्रोग्राम (DRAP) और अर्बन इन्वेस्टमेंट विंडो (UiWIN) — शुरू कीं। DRAP मिशन-मोड में चलने वाला एक वर्षीय कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य 202 शहरी स्थानीय निकायों में 214 बड़े पुराने डम्पसाइट्स का उपचार करना है। इनमें कुल मिलाकर लगभग 8.8 करोड़ मीट्रिक टन पुराना अपशिष्ट है, जो भारत के कुल विरासत ठोस अपशिष्ट का लगभग 80% है। सभी पुराने डम्पसाइट्स को सितंबर–अक्तूबर 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 और 'विकसित भारत @2047' विजन के अनुरूप है। HUDCO द्वारा संचालित UiWIN, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत शहरी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए विश्व बैंक और ADB जैसी बहुपक्षीय एजेंसियों से निजी पूँजी आकर्षित करने के लिए बनाई गई है। केंद्र सरकार ने 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 2,484 शहरी स्थानीय निकायों को लाभान्वित करने वाली ₹10,228 करोड़ की परियोजनाओं के लिए ₹4,181 करोड़ की वित्तीय सहायता दी। राजस्थान के तेजी से शहरीकृत होते शहर — जयपुर, जोधपुर, कोटा और अजमेर — DRAP और UiWIN से लाभान्वित होंगे।