प्रकाशित: 26 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतटॉपिक
राष्ट्रपति मुर्मू ने HAL प्रचंड LCH में उड़ान भरी, राजस्थान के पोखरण में अभ्यास वायु शक्ति 2026 का अवलोकन किया
27 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजस्थान के जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी रूप से विकसित HAL लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड' में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया — वे ऐसा करने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बनीं। लगभग 25 मिनट की सॉर्टी दो LCH विमानों के फॉर्मेशन में की गई। राष्ट्रपति मुर्मू ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बाहुआ के साथ लीड विमान में उड़ीं, जबकि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह दूसरे विमान में थे।
सॉर्टी के दौरान फॉर्मेशन ने गडीसर झील और जैसलमेर किले के ऊपर से उड़ान भरी और टैंक के एक नकली लक्ष्य पर हमला किया। प्रचंड भारत का पहला पूरी तरह स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जो 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर काम कर सकता है। इसकी अधिकतम परिचालन ऊंचाई 6,000-6,500 मीटर है और अधिकतम गति 268 किमी/घंटा है। इसमें ग्लास कॉकपिट, क्रैश-प्रतिरोधी संरचना और 65% से अधिक स्वदेशी सामग्री है।
शाम को राष्ट्रपति मुर्मू ने जैसलमेर जिले के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना का महा अग्निशक्ति प्रदर्शन — अभ्यास वायु शक्ति 2026 — देखा। 130 से अधिक विमानों ने 2 घंटे 35 मिनट के प्रदर्शन में दिन, संध्या और रात की परिस्थितियों में भाग लिया। पहली बार यह अभ्यास एक व्यवस्थित परिचालन कथानक के साथ आयोजित किया गया, जो IAF के बहु-क्षेत्र एकीकृत संचालन सिद्धांत को दर्शाता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा HAL प्रचंड उड़ान और पोखरण में वायु शक्ति 2026 अभ्यास का रक्षा आत्मनिर्भरता के लिए क्या महत्व है?
उत्तर (50 शब्द):
राष्ट्रपति मुर्मू 27 फरवरी 2026 को जैसलमेर में स्वदेशी प्रचंड हेलीकॉप्टर में उड़ान भरने वाली प्रथम भारतीय राष्ट्रपति बनीं। प्रचंड में 65% से अधिक स्वदेशी सामग्री है और यह 5,000 मीटर से ऊपर उड़ान भर सकता है। पोखरण में वायु शक्ति अभ्यास में राफेल, सु-30एमकेआई सहित 130 से अधिक विमानों ने दिन, संध्या और रात्रि की परिस्थितियों में भाग लिया।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड में किस तारीख को उड़ान भरी?
व्याख्या · सही उत्तर A27 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजस्थान के जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी। PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इससे पहले वे 2023 में सुखोई-30 MKI और 2025 में राफेल में भी उड़ान भर चुकी थीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
27 फरवरी 2026 को जैसलमेर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने क्या ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 फरवरी 2026 को जैसलमेर में स्वदेशी HAL प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं — ऐसा करने वाली वे पहली राष्ट्राध्यक्ष हैं।
वायु शक्ति अभ्यास क्या है और 2026 का संस्करण कहाँ आयोजित हुआ?
वायु शक्ति अभ्यास भारतीय वायुसेना का द्विवार्षिक अग्नि-शक्ति प्रदर्शन अभ्यास है। 2026 का संस्करण राजस्थान के पोखरण रेंज में आयोजित हुआ, जिसमें राफेल, Su-30MKI और LCH प्रचंड सहित 130 से अधिक विमानों ने युद्धाभ्यास और लाइव हथियार प्रदर्शन किए।
HAL प्रचंड LCH क्या है और इसे भारतीय वायुसेना में कब शामिल किया गया?
HAL प्रचंड (लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर) भारत का पहला स्वदेशी समर्पित हमलावर हेलीकॉप्टर है, जिसे देश में ही डिजाइन और विकसित किया गया है। इसे 2022 में औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया। यह ऊँचाई वाले इलाकों में काम कर सकता है और एंटी-टैंक तथा नजदीकी हवाई सहायता, दोनों भूमिकाओं के लिए सुसज्जित है।
भारत के रक्षा अभ्यासों के लिए पोखरण और जैसलमेर क्यों महत्वपूर्ण हैं?
राजस्थान में पोखरण और जैसलमेर विशाल शुष्क भूभाग और कम जनघनत्व के कारण वायुसेना अभ्यास और वास्तविक गोला-बारूद से होने वाले परीक्षणों के लिए भारत के प्रमुख क्षेत्र हैं। पोखरण 1974 (पोखरण-I) और 1998 (पोखरण-II) के परमाणु परीक्षणों के स्थल के रूप में ऐतिहासिक महत्व भी रखता है।
2026 के संस्करण से पहले वायु शक्ति अभ्यास का पिछला आयोजन कब हुआ था?
वायु शक्ति अभ्यास का पिछला प्रमुख संस्करण 2019 में आयोजित हुआ था। 2026 का संस्करण कुछ अंतराल के बाद आयोजित किया गया, जिसमें राफेल और तेजस Mk-1A जैसे नए शामिल विमानों के कारण वायुसेना का बेड़ा काफी उन्नत दिखा।