प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2025 को स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान शुरू किया और आठवें पोषण माह का उद्घाटन किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की संयुक्त अगुवाई वाली यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य, खासकर एनीमिया और पोषण की कमी से निपटने का व्यापक अभियान है।

यह अभियान 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक चला और इस दौरान पूरे भारत में 1 लाख से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में हीमोग्लोबिन (Hb) परीक्षण और एनीमिया की जांच पर ध्यान दिया गया। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (NFHS-5, 2019-21) के अनुसार भारत में 57% महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। यह आंकड़ा इस अभियान की ज़रूरत को रेखांकित करता है।

इस शुरुआत की एक प्रमुख तकनीकी विशेषता सुमन सखी चैटबॉट थी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित यह स्वास्थ्य सहायक महिलाओं को स्थानीय भाषाओं में पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सलाह देता है। यह सरकार की डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा है और उन ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी महिलाओं तक उनकी ज़रूरत के अनुसार स्वास्थ्य सलाह पहुँचाने के लिए बनाया गया है, जिन्हें नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ नहीं मिल पातीं।

इस कार्यक्रम में 1 करोड़वां सिकल सेल रोग कार्ड भी जारी किया गया। सिकल सेल रोग एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जो मध्य भारत के आदिवासी समुदायों में अधिक पाया जाता है। 2023 में शुरू किए गए राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन का लक्ष्य 2047 तक इस रोग से प्रभावित सभी लोगों की जांच करना और उन्हें सहायता देना है।

पोषण माह 2018 से हर सितंबर में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों में कुपोषण, ठिगनापन, दुबलापन और एनीमिया से निपटना है। आठवें पोषण माह में पोषण ट्रैकर से पोषण की निगरानी और समुदाय की भागीदारी वाली स्वास्थ्य गतिविधियों पर ज़ोर दिया गया।